बिहार चुनाव 2020: ‘शराबी चूहों’ को ले आई आरजेडी, जानें क्या है मामला

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बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बयानबाजियों का दौर जारी है. इसी क्रम में अब शराब भी एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. दरअसल बुधवार को कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए इस वादे के बाद कि वह शराबबंदी की समीक्षा करेगी, जहां सियासत गर्म हो गई वहीं अब शराबी चूहे की भी एंट्री हो गई है. दरअसल बीते दौर में आरोप लगते रहे हैं कि बिहार के पुलिस थानों द्व्रारा जब्त की गई शराब पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध रूप से बेच दी जाती है. ऐसे ही कुछ मामलों पर तब शासन की तरफ से यह दलील दी गई थी कि चूहों ने शराब गटक ली थी. अब जब कांग्रेस ने शराबबंदी को लेकर सरकार, पुलिसकर्मियों और माफिया की मिलीभगत का मुद्दा अपने मेनिफेस्टो में उठा दिया है तो राजद (RJD) भी अब इसको लेकर हमलावर हो गया है.

राष्‍ट्रीय जनता दल सासंद मनोज कुमार झा ने कहा कि मुजफ्फरपुर के बालिका गृह कांड के साथ-साथ जनता उन ‘बनैले चूहों’ का भी हिसाब नीतीश कुमार की सरकार से लेगी, जो लाखों लीटर शराब पीकर बांध कुतर जाते हैं. जनता सब जानती है.

मनोज झा ने ट्वीट में लिखा, मुज़फ़्फ़रपुर की बालिका गृह में सरकारी संरक्षण में हुए अमानवीय कृत्य के बारे में हर बिहारी तीनों चरणों के चुनाव में पूछेगा.और उन ‘बनैले चूहों’ को भी बुलाया जाएगा जो लाखों लीटर शराब पीकर बांध कुतर जाते हैं. जय जय बिहार जय हिंद.

बता दें कि शराबंदी के बावजूद बिहार में चोरी छिपे शराब बिकने की खबरें सामने आती रहती हैं. हालांकि कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन पुलिस की मिलीभगत से इस पर रोक नहीं लग पाने की बात कई बार सामने आती रही है. ऐसे में कांग्रेस ने कांग्रेस ने अपने बदलाव पत्र (मेनिफेस्टो) में कहा है कि हमारी सरकार बिहार के वर्तमान शराबबंदी कानून की समीक्षा करते हुए इस में आवश्यक सुधार करेगी जिससे राज्य के गरीब एवं असहाय लोगों के साथ न्याय हो सके.

पार्टी ने यह भी कहा कि शराबबंदी से राज्य के राजस्व को नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार इसके सकारात्मक उद्देश्य से भटक गई है. इसके कारण राज्य में अवैध व्यापार हो रहा है और पुलिस को लाभ पहुंचा है, जबकि जनता अभी भी परेशान ही है. ऐसे में सत्ता में आने पर इसकी सही से समीक्षा की जाएगी.

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