बिहार चुनाव: तेजस्वी ने फेसबुक पर किया संवाद, कहा- सीएम बनते ही 10 लाख नौकरी दूंगा

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बिहार विधानसभा चुनाव में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने युवाओं के लिए एक बड़ा एलान किया है. उन्होंने बिहार से बेरोजगारी को खत्म करने का संकल्प लिया है. फेसबुक लाइव के जरिए किए गए इस संवाद में उन्होंने रोजी-रोजगार का मुद्दा उठाया. सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में 10 लाख नौकरी देने का वादा दोहराया. नौकरी में बिहारियों को 85 प्रतिशत आरक्षण देने, स्कूलों में शिक्षक और अस्पतालों में डॉक्टर पहुंचाने, निजीकरण पर रोक लगाने और शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन देने की बात कही. कहा कि बीपीएससी परीक्षाओं के लिए सामान्य और आरक्षित वर्ग के युवाओं की आयुसीमा बढ़ाई जाएगी. कहा कि इसकी शुरुआत आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइया, सेविकाओं आदि का मानदेय दोगुने से अधिक करके करेंगे. तेजस्वी बोले जीविका दीदियों को नियमित वेतन और नौकरी उपलब्ध कराएंगे. कहा कि बीपीएससी की लेटलतीफी का खामियाजा बिहार के युवा क्यों भुगतेंगे इसलिए सामान्य और आरक्षित वर्ग की आयुसीमा बढ़ाएंगे.

‘नौकरी संवाद’ में तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में लाखों पद खाली हैं. सूबे में शिक्षक, नर्स, कम्पाउंडर, इंजीनियर की कमी है. बिहार के पुलिस महकमे में भी कई पद खाली हैं. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी तो कैबिनेट की पहली मीटिंग में 10 लाख लोगों को नौकरी देने के लिए कलम चलेगी. बिहार के 10 लाख बेरोजगारों को नौकरी दी जाएगी.

तेजस्वी ने कहा कि इस बार एक साथ समाज के सभी लोग खड़े हैं. एनडीए की ओर से तरह तरह की साजिश रची गई. लेकिन मैं मुद्दे के साथ खड़ा हूं. उन्होंने कहा कि समाज के हर एक तबके को वो साथ लेकर चलना चाहते हैं, चाहें वो सवर्ण जाति के हों या अल्पसंख्यक हों या फिर दलित-महादलित हों. उन्होंने बताया कि पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के साथ-साथ समाज के सभी लोगों को एक साथ लेकर चलेंगे.

तेजस्वी ने कहा कि मैं बड़ों का सम्मान करता हूं. मैंने कभी भी किसी भी व्यक्ति के ऊपर निजी हमला नहीं किया है. लेकिन नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जवाब मांगना चाहिए. वह इतिहास के पुराने पन्ने में ही रहना चाहते हैं. सीएम नीतीश बताएं कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला. पटना यूनिवर्सिटी को सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा क्यों नहीं मिला. सीएम नीतीश कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

तेजस्वी ने बताया कि उन्होंने बिहार से बेरोजगारी को खत्म करने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत उन्होंने बेरोजगारी हटाओ यात्रा से की थी. 

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