मधुबनी: मोबाइल लूटने के चक्कर में स्कूल संचालक की ले ली जान, पुलिस ने तीन हत्यारों को किया गिरफ्तार

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महज एक मोबाइल लूटने के लिए अपराधियों ने ले ली एक शख्स की जान. झंझारपुर में स्कूल संचालक हत्याकांड के चार दिन बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली और तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया और इस हत्याकांड के कारणों का खुलासा हो गया.

इस हत्याकांड में शामिल थे तीन हत्यारे


स्कूल संचालक हत्याकांड में शामिल तीन हत्यारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर मृतक के पास से लूटी गई मोबाइल, सिम के अलावे हत्या में इस्तेमाल की गई चाकू बरामद कर ली है. साथ हीं अपराधियों की बाइक भी पुलिस ने बरामद कर जब्त कर ली है.

तकनीकी सेल की सहयोग से उद्भेदन किया

डीएसपी आशीष आनंद ने इस घटना के बाबत जो जानकारी दी उसके अनुसार 24 अक्टूबर की रात्रि राजनगर में निजि स्कूल संचालक कानपुर निवासी रविंद्र चौधरी की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी. घटना को लेकर 25 अक्टूबर को मृतक के भाई ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ झंझारपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया था. मामला दर्ज होते ही तकनीकी सेल की सहयोग से सघन छापेमारी अभियान चलाकर अनुसंधान टीम ने उक्त कांड का उद्भेदन किया. पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर अपनी तहकीकात शुरू की और लूटी गई मोबाइल को अपना मुख्य केंद्र बनाया अपराधियों ने लूटी गई मोबाइल के सिम का उपयोग शुरू किया और पुलिस की गिरफ्त में आ गए. गिरफ्तार अपराधियों में मिथिला दीप गांव के स्वर्गीय प्रदीप पांडे के पुत्र गौतम पांडे, बीरबल साथी के पुत्र राहुल कुमार एवं हटिया रामनगर के रामाशीष यादव के पुत्र गौरीशंकर शामिल हैं.

मोबाइल के लिए लुटेरों ने जान ले ली

मृतक रविंद्र चौधरी समीया ढलान एन. एच के पास गाड़ी रोककर मोबाइल से बात कर रहे थे तभी विपरीत दिशा से तीन अपराधी राहुल कुमार के बाइक पर सवार होकर आ रहे थे उन्होंने झपट्टा मार कर मोबाइल छीन ली मोबाइल छीनने के बाद रविंद्र कुमार ने अपराधियों का पीछा किया. पीछा करते हुए वह मोहना जीरोमाइल से मथुरा की ओर जाने वाली सड़क की ओर भाग रहे अपराधियों का पीछा करते हुए आगे उसी सड़क में जाने पर तीनों अपराधी रास्ता बंद होने के कारण रुक गए जहां रविंद्र कुमार ने अपने हेलमेट से तीनों अपराधियों पर वार करते हुए मोबाइल देने को कहा हेलमेट के वार से अपराधी के हाथ में और सर में चोट लगी तभी गौतम पांडे ने चाकू निकाल कर हमला कर दिया और दूसरे अपराधी ने पिस्टल की बट से सर पर मारा और वहां से भाग गए, खून से लथपथ रविंद्र चौधरी पहले दुर्गा स्थान गए और बेहोश होकर गिर गए, फिर पुलिस को इसकी सूचना हुई तो अनुमंडल अस्पताल लाया गया जहां से उन्हें दरभंगा डीएमसीएच रेफर कर दिया गया जहां उसकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद मृतक के परिजन हतप्रभ हैं कि सिर्फ एक मोबाइल के लिए लुटेरों ने उनके पुत्र की जान ले ली.

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