बिहार चुनाव 2020: तीसरे चरण के चुनाव प्रचार के लिए भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, बीजेपी नेता करेंगे 23 सभाएँ

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम और तीसरे चरण का चुनाव प्रचार चल रहा है, जो गुरुवार शाम को समाप्त हो जाएगा. तीसरे और अंतिम चरण में शनिवार को कुल 15 जिलों के 78 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे. 7 नवंबर को कुल 1,208 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा. आखिरी चरण में जहां वोटिंग होनी है उसमें मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र भी शामिल है जिसमें कटिहार, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जिले शामिल हैं.

अब आखरी चरण के मतदान से पहले आज एनडीए ने पुरी ताकत लगा दी है. आज बिहार में 23 जगहों पर भाजपा के प्रचार की कमान राजनाथ सिंह से लेकर मनोज तिवारी तक संभालेंगे . कहुआहि और कनसोई में राजनाथ सिंह के साथ अश्विनी चौबे मौजूद रहेंगे तो लौरिया और बाल्मीकिनगर में निराहुआ की सभाएँ हैं. भूपेन्द्र यादव मधेपुरा में तो सुशील मोदी दरभंगा में रोड शो भी करेंगे.

बीजेपी बार फिर से एनआरसी का मुद्दा गरमा गया है. एनडीए में एक बार फिर से बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राग अलाप रही हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कटिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार दोबारा बनेगी तो घुसपैठियों को देश के बाहर निकाला जाएगा.

योगी आदित्यनाथ कटिहार से बीजेपी प्रत्याशी तार किशोर के लिए वोट मांग रहे थे और इसी दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार दोबारा बनेगी तो घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और इस समस्या का समाधान होगा.

नीतीश बोले- किसी में दम नहीं कि बाहर निकाल दे

गौरतलब है, एक तरफ जहां योगी आदित्यनाथ कटिहार में घुसपैठियों को देश के बाहर निकालने की बात कर रहे थे तो उसी दौरान किशनगंज के कोचाधामन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. यहां पर उन्होंने एनआरसी के मुद्दे को लेकर कहा कि देश के अंदर रहने वाले सब हमारे लोग हैं और किसी में दम नहीं है कि उन्हें देश के बाहर निकाल दे.नीतीश कुमार किशनगंज कोचाधामन में जनता दल यूनाइटेड के विधायक मुजाहिद आलम के लिए वोट मांग रहे थे और इसी दौरान उन्होंने यह बातें कही.

सीमांचल में मुस्लिम वोटों की साधने के लिए उतरे तेजस्वी यादव सीएए-एनआरसी पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन इशारे में बात जरूर कर रहे हैं. बुधवार को किशनगंज के ठाकुरगंज में रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘नीतीश कुमार बीजेपी और आरएसएस की गोद में बैठे हुए हैं, राज्यसभा और लोकसभा में क्या करते हैं, पता है ना. हमने तो विपक्ष में रहते हुए भी नीतीश कुमार को मजबूर कर दिया है. समझ रहे हैं न आप लोग, हम क्या बात कर रहे हैं. हम खुलकर नहीं बोलेंगे. कुछ बाहर के लोग भी यहां आए हैं, उनकी अच्छी से मेहमाननवाजी कीजिए. अभी एक परेशानी आई थी तो हम आपके साथ खड़े थे और आरजेडी ने बिहार बंद कर दिया था, तब वो नजर नहीं आए थे. आप लोग एकता दिखाएं. 

दरअसल, सीएए पर संसद में जेडीयू ने समर्थन किया था, जिसे तेजस्वी यादव जिक्र कर रहे हैं. इसके अलावा सीएए कानून लागू किए जाने के बाद आरजेडी ने बिहार बंद किया था और विरोध प्रदर्शन में तेजस्वी यादव शामिल हुए थे. इसके बाद नीतीश कुमार ने विधानसभा में प्रस्ताव पास किया था कि बिहार में एनआरसी को लागू नहीं होने देंगे और एनपीआर को 2010 के तर्ज पर करेंगे. इन्हीं बातों का तेजस्वी सीमांचल की रैली में जिक्र कर रहे हैं, लेकिन खुलकर नहीं बोलते हैं. वह सिर्फ इशारों-इशारों में ही बात कर रहे हैं.

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