बिहार की जीत पर पीएम मोदी ने लगवाए ‘नड्डा जी आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे

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बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को मिली प्रचंड जीत पर भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में जश्न मनाया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. पीएम ने कहा कि इन चुनाव परिणामों में NDA को अपार जनसमर्थन मिला है।इसके लिए बीजेपी, एनडीए के लाखों कार्यकर्ता भाइयों-बहनों को जितनी बधाई दूं उतनी कम है।

पीएम ने कहा कि मैं हर कार्यकर्ता और उनके परिवारजनों को हृदय से बधाई देता हूं।इस दौरान पीएम ने ‘नड्डा जी आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे लगवाए।

प्रधानमंत्री ने करीब 40 मिनट के भाषण में बिहार पर बात की। परिवारवाद का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा और राजनीतिक हत्याओं का जिक्र कर विरोधी दलों को आड़े हाथ लिया। बंगाल या तृणमूल का नाम लिए बिना बोले- ‘मौत का खेल खेलकर कोई मत नहीं पाता है, दीवार पर लिखे ये शब्द पढ़ लेना।’

बिहार के बाद अब बंगाल में मई 2021 में विधानसभा चुनाव हैं। भाजपा के इस जश्न में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्‌डा मौजूद थे। नड्‌डा ने कोरोना पर देश की तैयारियों के बारे में बताया।

खुद मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कोरोना से सतर्क रहने की सलाह दी, लेकिन जश्न में सोशल डिस्टेंसिंग नदारद थी। खासकर तब, जब दिन में ही एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा था, ‘दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने का मुख्य कारण सुपर स्प्रेडर इवेंट हैं, जहां लोग बड़ी तादाद में बिना सावधानी के इकट्‌ठा हो रहे हैं।’

मोदी के संबोधन की मुख्य बातेंः

  • भारत के लोग 21वीं सदी के भारत के नागरिक बार-बार अपना संदेश स्पष्ट कर रहे हैं। अब सेवा का मौका उसी को मिलेगा, जो देश के विकास के लक्ष्य के साथ ईमानदारी से काम करेगा। हर राजनीतिक दल से देश के लोगों की यही अपेक्षा है। इस देश के लिए काम करो, देश के काम से मतलब रखो। कल जो नतीजे आए, उन्होंने साबित कर दिया है कि आप काम करेंगे तो लोगों से आपको भरपूर आशीर्वाद भी मिलेगा।
  • कल के नतीजों ने फिर ये तय कर दिया है कि 21वीं सदी में देश की राजनीति का आधार सिर्फ और सिर्फ विकास ही होगा। हमारे यहां ये भी कई बार कहा जाता है कि बैंक खाते, गैस कनेक्शन, घर, स्वरोजगार के लिए सुविधाएं, अच्छी सड़कें, रेलवे, रेलवे स्टेशन, बेहतर हवाई अड्डे, इंटरनेट कनेक्टिविटी चुनाव में अहमियत नहीं रखते हैं। सुना होगा। जनता बार-बार ऐसे लोगों को कह रही है कि असली मुद्दे यही हैं।
  • चुनाव भले ही कुछ सीटों पर हुआ हो, कुछ क्षेत्रों में हुआ हो, लेकिन कल सुबह से लेकर देर रात तक पूरे देश की नजरें टीवी पर थीं। ट्विटर पर थीं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर थीं। लोकतंत्र के प्रति हम भारतीयों की जो आस्था है, उसकी मिसाल, पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलती। दलितों, पीड़ितों, शोषितों की अगर कोई आवाज है तो वो भाजपा है। ये भरोसा भाजपा के लिए बहुत बड़ी पूंजी है।
  • बिहार में 3 बार सरकार में रहने के बाद भाजपा ही एकमात्र पार्टी है, जिसकी सीटों में वृद्धि हुई है। गुजरात में भाजपा 90 के दशक से है, वहां भी सभी सीटें जीतकर भाजपा ने दिखाईं। मध्य प्रदेश में भाजपा ने सीटें जोड़ी हैं, वहां भी हमारी सरकार इतने वर्षों से सत्ता में हैं। देश के लोग बार-बार भाजपा को ही मौका दे रहे हैं, विश्वास कर रहे हैं।
  • भाजपा की सफलता के पीछे उसका गवर्नेंस मॉडल है। भाजपा सरकारों के गुडगवर्नेंस से कैसे स्थितियां बदल जाती हैं, बड़ी से बड़ी आपदा से लड़ने में मदद मिलती है। जब कोरोना आया तो ये संकट कितना बड़ा है, इसका अंदाजा एक्सपर्ट और वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाए। लेकिन, कोरोना के खिलाफ जैसी लड़ाई भारत ने लड़ी, वैसी कहीं नहीं लड़ी गई। कोरोना में बचाया गया एक-एक जीवन सफलता की कहानी है।
  • बिहार में सच जीता है, बिहार में विश्वास जीता है, बिहार का युवा जीता है, माताएं-बहनें-बेटियां जीती हैं, गरीब जीता है, किसान जीता है। बिहार की आकांक्षाओं की जीत है, बिहार के गौरव की जीत है। मैं बिहार के भाइयों-बहनों से कहूंगा कि आपने फिर सिद्ध किया है कि बिहार क्यों लोकतंत्र की जमीन कहा जाता है। आपने फिर सिद्ध किया है कि वाकई बिहारवासी पारखी भी हैं और जागरूक भी हैं।
  • भाजपा के पास साइलेंट वोटर का एक ऐसा वर्ग है, जो उसे बार-बार वोट दे रहा है। निरंतर वोट दे रहा है। ये साइलेंट वोटर हैं, देश की माताएं, बहनें, देश की नारी शक्ति। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों तक महिला वोटर ही भाजपा की सबसे बड़ी साइलेंट वोटर का समूह बन गया है। आखिर ऐसा क्यों है? क्योंकि ये भाजपाई हैं, जिनके शासन में महिलाओं को सम्मान भी मिलता है और सुरक्षा भी मिलती है।
  • 21वीं सदी का भारत नए मिजाज का भारत है। न हमें आपदाएं रोक सकती हैं, न ही बड़ी-बड़ी चुनौतियां। नए भारत के उदय को देख रहा हूं। एक ऐसा भारत जो आत्मविश्वास से भरा हुआ है, जो अपने सामर्थ्य को पहचानता है, जो लक्ष्यों के प्रति सचेत भी है और गंभीर भी। ये बात हमने कोरोना काल में भी देखी है। जब दुनिया के अनेक देश थम गए, हमारे देश ने नई नीतियां भी बनाईं, नए निर्णय भी लिए।
  • भारत के लोकतंत्र में जगह-जगह परिपक्वता का दर्शन होता है। भारत की युवा पीढ़ी लोकतंत्र के प्रति सच्ची निष्ठा रखती है। मजबूत लोकतंत्र में ही नौजवान को अवसर नजर आते हैं, अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वो ज्यादा आश्वस्त रहता है। दुर्भाग्य से कश्मीर से कन्याकुमारी तक परिवारवादी पार्टियों का जो जाल नजर आ रहा है। फैमिली पार्टियां हैं। ये पार्टियों का जाल लोकतंत्र के लिए खतरा बनता जा रहा है।
  • ये बात देश का युवा भलीभांति जानता है। परिवार की पार्टियां या परिवारवादी पार्टियां लोकतंंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। दुर्भाग्य से देश की एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी, अनेक दशकों तक देश का नेतृत्व करने वाली पार्टी भी एक परिवार के चंगुल में फंस गई। ऐसे में भाजपा का दायित्व और बढ़ जाता है। तभी तो देश का प्रधानमंत्री मंच से कहता है कि नड्डाजी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं।
  • देश का विकास और राज्य का विकास आज सबसे बड़ी कसौटी है। आने वाले समय में भी यही चुनाव का आधार रहने वाला है। जो लोग ये नहीं समझ रहे, इस बार भी उनकी जगह क्या हुआ मालूम है ना? उनकी जगह-जगह जमानत जब्त हो गई है। साथियों आज देश भाजपा पर जो स्नेह दिखा रहा है, एनडीए पर जो प्रेम दिखा रहा है। उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि भाजपा ने, एनडीए ने देश के विकास को, लोगों के विकास को अपना सर्वोपरि लक्ष्य बनाया हुआ है।

नड्डा बोले- मोदी जी के प्रयास नई दिशा देने वाले

पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ”मोदी जी ने देश को आगे बढ़ाने के लिए जो अथक प्रयास किया है, वो देश को नई दिशा देने वाला है। बिहार का चुनाव जो हुआ, वो केवल बिहार का नहीं था। ये लद्दाख से लेकर तेलंगाना जैसे प्रदेशों के उपचुनाव थे। ये गुजराज, मध्य प्रदेश से लेकर मणिपुर के उपचुनाव थे। इन चुनावों में जिस तरह की जीत भारत की जनता ने दिया है, उसके लिए कोटि-कोटि धन्यवाद।”

मोदी के संबोधन के बाद भाजपा पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक

बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के संबोधन के बाद भाजपा पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक होगी। इसमें बिहार में सरकार बनाने को लेकर रणनीति पर चर्चा हो सकती है। बैठक में बिहार से नित्यानंद राय, संजय जायसवाल, गिरिराज सिंह, भूपेंद्र यादव और देवेंद्र फडनवीस शामिल हो सकते हैं। जदयू को मात्र 43 सीट आई है। नतीजों के बाद सीएम के नाम को लेकर भी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में चर्चा हो सकती है।

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