महागठबंधन को काउंटिंग में हेराफेरी का शक, चुनाव आयोग पहुंचे RJD-कांग्रेस-लेफ्ट

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बिहार विधानसभा चुनाव की काउंटिंग को लेकर आरजेडी के आरोप लगाने के बाद अब कांग्रेस और लेफ्ट ने भी चुनाव आयोग का रुख किया है. राजद ने आरोप लगाया था कि चुनाव  के परिणाम जारी करने में जानबूझकर देरी की जा रही है. राजद के बाद अब महागठबंधन की अन्य पार्टियों ने भी चुनाव आयोग का रुख किया है.

कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और अखिलेश प्रसाद सिंह पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे हैं. उधर भाकपा माले ने चुनाव आयोग को तीन सीटों पर फिर से गिनती कराने के लिए पत्र लिखा है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रजातंत्र की सरेआम हत्या हो रही है.

उन्होंने कहा कि,  बिहार चुनाव में और कितनी हेराफेरी चलेगी? किशनगंज में कांग्रेस प्रत्याशी 1,266 वोट से जीत गए थे. भाजपा उम्मीदवार अपने घर चली गई थी. अब कांग्रेस उम्मीदवार को सर्टिफिकेट देने से इनकार किया जा रहा है. प्रजातंत्र की हत्या कर सरेआम जनमत का अपहरण हो रहा है.

सीपीआईएमएल के पोलित ब्यूरो की सदस्य कविता कृष्णन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है और फिर से तीन सीटों पर वोटों की गिनती की मांग की है. भाकपा माले ने भोरे, आरा और दरौंधा सीट पर फिर से वोटों की गिनती की मांग की है.

भाकपा माले की तरफ से लिखे गए पत्र में लिखा गया है, इन तीनों सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार काफी कम अंतर से हारे हैं. वोटों के गिनती में गड़बड़ी की आशंका है. भोरे (103) से जेडीयू के उम्मीदवार सुनील कुमार पूर्व एडिशनल डीजीपी हैं. उनकी प्रशासन में जान पहचान है. स्थानीय जदयू सांसद आलोक कुमार सुमन को मतगणना हॉल में जाते भी देखा गया था. यह अवैध और वर्जित है. यह स्पष्ट रूप से वोटों की निष्पक्ष गिनती को प्रभावित करने का एक प्रयास था.

अब तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सुनील कुमार को 73550 वोट और सीपीआईएमएल के जितेंद्र पासवान को 72524 वोट मिलते दिख रहे हैं. हम इस निर्वाचन क्षेत्र पर वोटों की एक संख्या सुनिश्चित करने के लिए आपका तत्काल हस्तक्षेप चाहते हैं. हम आरा (194) और दरौंधा (109) सीटों पर भी फिर से गिनती की मांग करते हैं. यहां भी वीवीपैट और ईवीएम के मिलान में गड़बड़ी के साथ- साथ और खामियां हैं.

उधर, महागठबंधन के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव आयोग किसी के दबाव में काम नहीं कर रही है. पार्टियों का इस तरह का  आरोप लगाना गलत है. चुनाव आयोग सभी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा है. कुछ सीटों पर अंतिम चरणों की गिनती शेष है.

कांग्रेस ने भी लगाया आरोप

कांग्रेस के दिग्‍गज नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘ अभी राजापाकर, वैशाली की कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिमा कुमार दास ने बताया कि काउंटिंग के बाद 1720 वोट से जीत हो गई, लेकिन डीएम ( DM) चुने जाने का सर्टिफ़िकेट देने से इनकार कर रहे हैं. ये न प्रजातंत्र की परिपाटी है और न ही क़ानूनी तौर से सही. चुनाव आयोग कहां है?

हालाँकि इन आरोपों में किसी भी तरह के सच्चाई से चुनाव आयोग ने इनकार किया है. जिस सीट की बात सुरजेवला ने किया है वहाँ से कॉंग्रेस ही जीती है फिर गड़बड़ी कहाँ ? अगर सर्टिफिकेट मिलने में किसी भी कारण थोड़ी देरी हुई होगी तो इसपर बेवजह आरोप लगाना कहाँ तक उचित है?

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