डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद उम्र विवाद में पड़े, पिछले कई चुनावों में अलग-अलग दी जानकारी

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बिहार के नए उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद की उम्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार नई सरकार में अपने कोटे से दो डिप्टी सीएम बनवाए हैं। मुख्यमंत्री के बाद दूसरे नंबर पर तारकिशोर प्रसाद सरकार में है और उनकी उम्र को लेकर ही यह विवाद खड़ा हुआ है। दरअसल तारकिशोर प्रसाद ने साल 2005 से लेकर 2020 तक के चुनाव के दौरान जो एफिडेविट दिया उसमें उनकी उम्र को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

तारकिशोर प्रसाद की तरफ से दिए गए हलफनामे में उनकी उम्र को लेकर एकरूपता नजर नहीं आती। दरअसल साल 2005 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जो हलफनामा दिया उसके मुताबिक अपनी उम्र 48 साल बताई जबकि साल 2010 के विधानसभा चुनाव में उनके हलफनामे के मुताबिक उम्र 49 साल बताई गई। साल 2015 के विधानसभा चुनाव में तारकिशोर प्रसाद की उम्र हलफनामे के अंदर 52 साल बताई गई जबकि इस बार हुए चुनाव में उनकी उम्र 64 वर्ष बताई गई है। विवाद इसी बात को लेकर खड़ा हुआ है कि साल 2005 से लेकर 2020 तक के बीच किशोर प्रसाद की उम्र में एकरूपता क्यों नहीं रही? अगर हर 5 साल के बाद उनकी तरफ से चुनाव में हलफनामा दिया गया तो उनकी उम्र 5 साल क्यों नहीं बड़ी यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।

राष्ट्रीय जनता दल ने इस मामले को लेकर बीजेपी और नीतीश सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरजेडी की तरफ से कहा गया है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री अपनी उम्र में ही घोटाला कर रहे हैं। आरजेडी ने आरोप लगाया है कि डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद कमीशन के लिए ठेकेदारों को धमकाने और अपने परिवार के सदस्यों को ठेकेदार बनाने में लिप्त हैं। पूरा कटिहार जानता है कि बिना कमीशन के क्षेत्र में कोई काम नहीं करते हैं अब इनके कारनामों से संपूर्ण बिहार परिचित होगा। डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद की उम्र को लेकर हु इस विवाद के बाद सियासत गरमाना तय है लेकिन अब तक डिप्टी सीएम ने खुद अपने उम्र विवाद पर कुछ भी नहीं कहा है। इंतजार इस बात का है कि उम्र विवाद को लेकर वह क्या कहते हैं।

हालाँकि जिस उम्र विवाद पर राजद सवाल उठा रही है उसने खुद तेजस्वी और तेजप्रताप भी शामिल हैं. दोनो नेताओं के चुनावी हलफ़नामे के मुताबिक़ तेजस्वी यादव और तेजप्रताप की उम्र का फ़र्क़ महज़ कुछ महीने है।

हसनपुर सीट से अपने नामांकन के दौरान तेज प्रताप ने अपनी उम्र 30 साल लिखी है। दूसरी ओर लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राघोपुर विधानसभा सीट पर ही भरोसा किया है। उन्होंने राघोपुर विधानसभा सीट से बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। अपने नामांकन पत्र में तेजस्वी यादव ने अपनी उम्र 31 साल बताई है।

सियासी हलकों में इस बात पर हैरानी जताई जा रही है कि लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से एक साल छोटे कैसे हो सकते हैं। वैसे यह पहली बार नहीं है जब दोनों भाइयों की उम्र में यह हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है। 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी जब दोनों भाइयों ने नामांकन दाखिल किया था तब भी यही गड़बड़ी सामने आई थी।

लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप ने 2015 के विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से विजय हासिल की थी। 2015 के नामांकन पत्र में उन्होंने अपनी उम्र 25 साल लिखी थी। दूसरी ओर तेजस्वी यादव 2015 में भी राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे।

उन्होंने नामांकन के शपथ पत्र में अपनी उम्र 26 साल दिखाई थी। उस समय भी लालू के दोनों बेटों की उम्र को लेकर सियासी हलकों में काफी विवाद पैदा हुआ था।अभी तक लालू के दोनों बेटों की ओर से उम्र को लेकर पैदा हुए विवाद को लेकर कोई सफाई नहीं दी गई है। वैसे 2015 में जब इस मामले को लेकर विवाद हुआ था तो तेजप्रताप का कहना था कि वोटर लिस्ट में दर्ज उम्र को ही उन्होंने शपथ पत्र में लिखा है।

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