17वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र शुरू, प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी सभी सदस्यों को दिला रहे शपथ, बाहर लेफ्ट और कांग्रेस का प्रदर्शन जारी

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बिहार चुनाव 2020 के बाद नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए की नई सरकार का गठन हो चुका है। नये जनादेश 2020 के बाद 17वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है। इधर र्वाचित विधायकों के शपथ से पहले ही कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू किया। कांग्रेस विधायक सदन के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं।सभी गुलनाज को इंसाफ दो को नारे लगा रहे हैं। कांग्रेस विधायक हाथ में तख्ती लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।नीतीश सरकार महिला विरोधी बता रहे हैं. यही नहीं नीतीश सरकार शर्म करों के नारे लगा रहे हैं।

वहीं सत्र की शुरुआत सदस्यों के शपथ ग्रहण से शुरू हो चुकी है।सबसे पहले डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और डिप्टी सीएम रेणु देवी ने शपथ लिया। उसके बाद विजय कुमार चौधरी ने शपथ ली।सेंट्रल हॉल में होने वाली इस कार्यवाही में आज और कल नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जा रही है। प्रोटेम स्पीकर के तौर पर जीतन राम मांझी सभी विधायकों को शपथ दिला रहे हैं। 25 नवंबर को स्पीकर का चुनाव होगा।

इससे पहले आज से शुरू हो रहे 17वीं विधानसभा सत्र के लिए विधायक सह नए विधानसभा सदस्य सदन के लिए पहुंचे। आपको बता दें कि इस बार 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में 43.2 फीसदी अर्थात 105 ऐसे सदस्य आए हैं जो पहली बार विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे। पिछली विधानसभा के भी सदस्य रहे 98 यानी कि 40.3 फीसदी सदस्य इस विधानसभा में भी दोबारा जीतकर आए हैं। वहीं 40 (16.46) ऐसे सदस्य भी 23 और 24 नवम्बर के बीच सदस्यता लेंगे जो अंतराल (ब्रेक) के बाद जीतकर फिर से बिहार विधानसभा पहुंचे हैं।

इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। आज कांग्रेस सदस्यों ने शुरुआत में ही यह जता दिया कि इस बार विपक्ष भी मजबूत है। नीतींश कुमार की अगुवाई में एनडीए के गठन के साथ ही विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं। खासकर महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव के हमले। बिहार का मजबूत विपक्ष इस बार मंत्रिमंडल में दागीं मंत्री, नौकरी और चुनाव में धांधली के आरोप को लेकर सदन में मुद्दा बना सकता है।

बिहार विधानसभा सत्र के दौरान विधानमंडल परिसर और आसपास धारा 144 

बिहार विधानसभा सत्र के दौरान विधि-व्यवस्था के मद्देनजर विधानमंडल परिसर और आसपास धारा 144 लगाई गई है। इसके तहत5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का जमावड़ा या जुलूस गैर कानूनी माना जाएगा। इसके अलावा हथियार एवं रोशनी सहित या रहित धरना, घेराव, किसी भी तरह का आग्नेयास्त्र लेकर चलना और बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। सत्र को लेकर डीएम कुमार रवि एवं वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार शर्मा ने संयुक्तादेश निर्गत कर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।

17वीं बिहार विधानसभा सदन में ये बड़े चेहरे नहीं दिखेंगे 

बिहार विधानमंडल के सदन में अबकी कई चर्चित चेहरे नहीं दिखेंगे। पिछली सरकार में मंत्री रहे कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, सुरेश शर्मा, जयकुमार सिंह, लक्ष्मेश्वर राय, रामसेवक सिंह, ब्रजकिशोर बिंद, संतोष निराला, रमेश ऋषिदेव, विपक्ष के कद्दावर नेता अब्दुलवारी सिद्दीकी और सदानंद सिंह समेत कई बड़े चेहरे नहीं होंगे। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में 43.2 फीसदी अर्थात 105 ऐसे सदस्य आए हैं जो पहली बार विधानसभा की सदस्य बने हैं। पिछली विधानसभा के भी सदस्य रहे 98 यानी कि 40.3 फीसदी सदस्य इस विधानसभा में भी दोबारा जीतकर आए हैं। वहीं 40 (16.46) ऐसे सदस्य भी 23 और 24 नवम्बर के बीच सदस्यता लेंगे जो अंतराल (ब्रेक) के बाद जीतकर फिर से बिहार विधानसभा पहुंचे हैं।

कोरोना के खतरे के बीच आज से शुरू हो रहे पांच दिवसीय सत्र के दौरान प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने अधिकारियों को कोविड-19 सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया। प्रोटेम स्पीकर मांझी की अध्यक्षता में विधानसभा के वाचनालय में विधानसभा के सत्र को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मौजूद वरीय पदाधिकारियों को श्री मांझी ने कोरोना को देखते हुए कोविड सुरक्षा मानक का पालन कराने और बिहार विधान सभा परिसर एवं आस-पास की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखते हुए सभी अन्य व्यवस्थाओं को समय पर दुरूस्त करने का भी निर्देश दिया।


25 को होगा 17वीं बिहार विधानसभा के अध्यक्ष का चुनाव 

17वीं बिहार विधानसभा के तय कार्यक्रम के मुताबिक 23 और 24 नवम्बर को नवनिर्वाचित सदस्यों द्वारा शपथ लिया जाएगा। 25 को विस की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 9(1) के तहत अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। 26 को सेंट्रल हॉल में ही राज्यपाल विधानमंडल के समवेत बैठक को संबोधित करेंगे। सत्र के आखिरी दिन 27 को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद विवाद एवं सरकार का उत्तर होगा। इसी दिन सरकार के (वर्ग-5) विभागों ऊर्जा, आपदा, स्वास्थ्य, पर्यटन, योजना विकास पर सवाल-जवाब तथा सरकार द्वारा अनुपरक बजट भी पेश किया जाएगा।

17वीं बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित सदस्यों को पांच भाषाओं हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली, उर्दू और संस्कृत में से किसी भी एक भाषा में शपथ लेने की छूट रहेगी। विस सचिवालय ने सभी पांच भाषाओं में शपथ के लिए स्क्रिप्ट तैयार कराया है। जानकारी के मुताबिक हिन्दी और मैथिली के स्क्रिप्ट की अधिक मांग है। शपथ के बाद सदस्य अध्यक्ष से हाथ नहीं मिला सकेंगे, बल्कि हाथ जोड़ अभिभावन कर आगे बढ़ जाएंगे।

सत्र के दौरान सामाजिक दूरी बरतने के लिहाज से सदस्यों का बारी-बारी से शपथ होगा। सबसे पहले उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, फिर रेणु देवी का शपथ होगा। उसके बाद मंत्री विजय चौधरी, बिजेन्द्र यादव, शीला कुमारी, अमरेन्द्र प्रताप सिंह, डा. रामप्रीत पासवान, जीवेश मिश्रा, रामसूरत राय क्रमश शपथ लेंगे। फिर सदस्यों की बारी आएगी। प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी सदस्यों को शपथ दिलायेंगे जबकि उनके नाम विधानसभा के सचिव पुकारेंगे। विस क्षेत्र 1 वाल्मीकिगर से संख्यावार सदस्यों को शपथ दिलायी जाएगी।

कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए अबकी बिहार विधानसभा का सत्र पांचो दिन विस्तारित भवन स्थित सेंट्रल हॉल में होगा। यहीं राज्यपाल का अभिभाषण समेत अन्य गतिविधियां होंगी। शपथ ग्रहण को लेकर पहले दो दिन सदस्यों के बैठने की व्यवस्था आम रहेगी। शेष तीन दिन अध्यक्ष के आसन के दायें सत्तापक्ष जबकि बायें विपक्ष के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। उधर विधानसभा के पुराने हॉल (वेश्म) में 26 और 27 को विधान परिषद की कार्यवाही चलेगी।

वैसे तो पहला सत्र सदस्यों के शपथग्रहण को लेकर खास है लेकिन 110 की संख्या के साथ विपक्ष के दमदार मौजूदगी सदन में रहेगी। रोजी-रोजगार और भ्रष्टाचार को लेकर मौका देखते ही जहां विपक्ष वार करेगा वहीं सत्तापक्ष भी उसकी काट को लेकर तैयार दिख रहा है।

17वीं बिहार विधानसभा सत्र पहली बार चुनकर आए, दूसरी बार चुनकर आए और एक या इससे अधिक अंतराल के बाल चुनकर आए सदस्यों के अलग-अलग स्तरों के उत्साह का भी जह सत्र गवाह बनेगा।

चकाई के विधायक ने विधानसभा के सीढ़ियों को किया नमन
श्रेयशी सिंह पहली बार चुनकर विधानसभा पहुँची हैं

श्रेयसी सिंह पहली बार विधानसभा पहुंची और पहले सत्र में भाग लेने से पहले वो काफी उत्साहित और जोश से भरी थीं। विधानसभा सत्र में भाग लेने से पहले वो चर्चा करने के दौरान कहा कि मैं गौरवान्तवित महसूस कर रही हूं कि जमुई की जनता ने मुझे यहां तक पहुचाया है। उनकी सेवा में मैं हमेशा आगे रहूंगी। उन्होंने आगे कहा कि अभी मैं यंग भी हूं और तो सीखने का पूरा जज्बा है और जितना हो सकेगा उतने जोश के साथ पूरे दम से जनता के लिए काम करुंगी।

पारंपरिक भेषभूषा में पहुंचे विधानसभा सदस्य

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