मुज़फ़्फ़रपुर: चर्चित नवरुणा अपहरण कांड में CBI को नहीं मिला कोई सुराग, फाइनल रिपोर्ट दाखिल

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मुजफ्फरपुर के चर्चित नवरुणा अपहरण कांड (Navruna Case) में सीबीआई ने लंबे समय तक जांच के बाद अब मुजफ्फरपुर की विशेष सीबीआई कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी है. इस रिपोर्ट में किसी प्रकार के सबूत और सुराग नहीं मिलने का जिक्र सीबीआई ने कोर्ट के समक्ष किया है. मुजफ्फरपुर की विशेष सीबीआई कोर्ट में 4 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई होगी.

सीबीआई के अनुसंधानकर्ता अजय कुमार ने कोर्ट से इस केस को बंद करने का आग्रह किया है. सीबीआई ने कोर्ट को समर्पित किए अपने 40 पेज की रिपोर्ट में विभिन्न एंगल से कांड की जांच करने का भी जिक्र किया है. नवरुणा अपहरण कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई 14 फरवरी 2014 से इस मामले की जांच कर रही थी. सीबीआई ने इस गुत्थी का सुराग देने वाले को 10 लाख का ईनाम देने के लिए जगह-जगह इश्तेहार भी चिपकाया था.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दी थी 12वीं डेट लाइन

27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई थी. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से जांच में और समय देने की मांग की थी. कोर्ट ने सीबीआई को अंतिम रूप से 2 माह का समय जांच के लिए दिया था जिसकी मियाद 27 दिसंबर को पूरी हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को स्पष्ट रूप से कहा था कि इस अंतिम डेट लाइन में वह चार्जशीट भी फाइल करें लेकिन उससे पहले ही सीबीआई ने मुजफ्फरपुर की विशेष सीबीआई अदालत में अपनी फाइनल रिपोर्ट समर्पित कर दी है. इस मामले में सीबीआई ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था लेकिन 90 दिनों के भीतर चार्जशीट फाइल नहीं करने के कारण सभी लोगों को जमानत मिल गई थी.

परिजनों का आरोप
नवरुणा के माता-पिता अतुल्य चक्रवर्ती और मैत्रेयी चक्रवर्ती ने नाबालिग बेटी के अपहरण के बाद से ही करोड़ों की कीमती जमीन के लिए बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था. नवरुणा के माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में 18 लोगों के नामों का जिक्र भी किया था और इनकी भूमिका की जांच कराने की मांग सीबीआई से की थी. मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के जवाहरलाल रोड से सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नवरुणा का घर में सोए अवस्था में अपहरण किया गया था. 18 सितंबर 2012 को यह घटना घटी थी उसके बाद बिहार पुलिस ने जांच के बाद में सीआईडी को भी जांच का जिम्मा मिला नतीजा नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को जांच का जिम्मा दिया गया था.

घर के सामने से मिला था कंकाल
इस मामले में उस समय नया मोड़ आया था जब नवरुणा के घर के सामने स्थित नाले से 26 नवंबर 2012 को यानी अपहरण के लगभग 3 माह बाद नर कंकाल मिला था. सीबीआई ने नरकंकाल की डीएनए जांच कराकर माता-पिता का भी डीएनए लिया था और नवरुणा के हत्या की पुष्टि की थी.

सुप्रीम कोर्ट जायेंगे परिजन
नवरुणा के पिता अतुल चक्रवर्ती ने कहा है कि सीबीआई की फाइनल रिपोर्ट की कॉपी वह हासिल करेंगे. कोर्ट से फाइनल रिपोर्ट की नकल लेकर वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे. सुप्रीम कोर्ट से ही एक बार फिर बेटी के को न्याय दिलाने के लिए वे फरियाद लगाएंगे.

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