बिहार: राज्य में जमीनी विवाद को खत्म करने की सरकार की नई पहल, जाने सरकार की क्या है नई रणनीति

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बिहार में हर दिन जमीनी विवाद के कई मामले दर्ज होते हैं, कहीं जमीनी विवाद में खून खराबा तक की अप्रिय घटनाएं घटती हैं,तो इस विवाद को लेकर हत्याएं भी लगातार होती रहती हैं. इन तमाम पेचिदगी और विवादों से राज्य को छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने नई पहल करने की शुरुआत की है. सरकार अब राज्य के हर गांव की नए सिरे से सीमा तय करेगी और हर 3 गांव की सीमा के मिलान बिंदु पर मॉन्यूमेंट लगाया जाएगा. यह मॉन्यूमेंट जमीन से 40 सेंटीमीटर ऊपर और 35 सेंटीमीटर से नीचे होगा. कई जिलों में यह काम शुरू भी कर दिया गया है. राज्य के लगभग 20 जिलों में सर्वे का काम अभी भी जारी है. इसके लिए लगभग सभी जिला में ग्राम सभा कर कागजी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है. सर्वे का काम अब लगभग खत्म हो चला है और अब जमीन पर काम शुरू होगा. मॉन्यूमेंट लगाने के बाद सर्वे कर्ता गांव में प्रवेश करेंगे और हर प्लॉट का सर्वे करेंगे. अमीन एक खेत में जाकर गांव के बाउंड्री निर्धारित करेंगे और तीन सीमा ढूंढ कर उन जगहों पर मॉन्यूमेंट लगाने का काम करेंगे. मन्यूमेंट लगाने के बाद की गई प्लॉट की वेरिफिकेशन शुरू की जाएगी.

अमीनों को दिया गया खास प्रशिक्षण


राज्य में इस सर्वे के काम के लिए अमीनो को आज से 14 दिनों के लिए खास प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का आज से शास्त्री नगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण केंद्र संस्थान छात्रावास एवं प्रशिक्षण केन्द्र में नए सत्र की शुरूआत करने जा रही है. नए सत्र में 60 अमीन भाग लेंगे. इसके बाद कानूनगो और सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारियों की भी 14 दिनों की प्रशिक्षण प्रक्रिया चलेगी और इन्हें इसने प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा.

विभाग 15 मानकों पर कराएगी  सर्वे


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बिहार में 20 जिलों में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा की हैजिनमें नालंदा, किशनगंज, शिवहर में सर्वे कार्य को संतोषजनक पाया गया है वही खगड़िया, मधेपुरा, अररिया, सहरसा और अरवल में कार्य की रफ्तार थोड़ी सुस्त है. सर्वे निदेशालय 15 मानकों पर प्रत्येक जिले की कार्यों का मूल्यांकन कर रही है समीक्षा में अपर समाहर्ता से लेकर अमीन तक के काम का मूल्यांकन और रैंकिंग किया जा रहा है.

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