पटना: हड़ताली जूनियर डाक्टरों पर कार्रवाई का आदेश, नहीं मिलेगा स्टाइपेंड

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बिहार सरकार ने राज्य के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर हड़ताली जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई करने का आदेश दे दिया है। हड़ताल की अवधि का स्टाइपेंड नहीं देने के साथ कई और कार्रवाई का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर कहा है कि जूनियर डॉक्टर बिना सूचना के हड़ताल पर चले गये हैं। लिहाजा सभी मेडिकल कॉलेज अनुशासन  समिति की बैठक बुलाकर इस संबंध में उचित निर्णय लें। साथ ही अगर कोई जूनियर डॉक्टर इलाज करने, ऑपरेशन या अन्य काम करने में बाधा पहुंचाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया है।

आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि जो जूनियर डॉक्टर काम नहीं करेंगे उन्हें हड़ताल की अवधि का स्टाइपेंड भुगतान नहीं किया जाएगा। ‘नो वर्क, नो पे’ के तहत यह कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अधीक्षक को हर रोज अस्पताल में इलाज किये जाने वाले मरीजों की पूरी जानकारी विभाग को देनी होगी। इसके लिए विभाग ने फॉर्मेट बनाकर सभी कॉलेजों को दिया है।

फॉर्मेट के अनुसार कॉलेजों को यह जानकारी देनी होगी कि उनके यहां उस रोज कितने मरीज ओपीडी में देखे गये। ओपीडी के माध्यम से कितने मरीज भर्ती किये गये, इमरजेंसी में कितने मरीज देखे गये और इमरजेंसी के माध्यम से कितने मरीज भर्ती किये गये और उस दिन अस्पताल के सभी विभागों में कितने ऑपरेशन किये गये। फार्मेट को भरकर उसपर अधीक्षक और प्राचार्य का हस्ताक्षर करना होगा और उस पूरी रिपोर्ट को रोज विभाग को चार बजे दिन तक ईमेल के माध्यम से उपलब्ध करा देना होगा।

उल्लेखनीय है कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग पर अड़े जूनियर डॉक्टरों ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोराना को छोड़ सभी चिकित्सकीय कार्य बाधित कर दिया है। ओपीडी में मरीजों को देखने भी नहीं दिया। राज्य के सभी नौ मेडिकल कॉलेजों में यही स्थिति तीसरे दिन भी बनी रही।

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