कोरोना वायरस महामारी की मार झेल रही दुनिया को नए साल (New Year 2021) से बहुत उम्मीदें हैं। नई उम्मीदों के साथ ही दुनिया नए साल का स्वागत कर रही है। सबसे पहले नए साल का आगाज न्‍यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में होता है, वहां पर लोगों ने बहुत ही हर्ष के साथ नए साल जश्न मनाया और आतिशबाजी की।

ऑस्ट्रेलिया से भी पहले न्‍यूजीलैंड में नया साल मनाया जाता है। ऑस्ट्रेलिया के ऑकलैंड नए साल की दस्तक होते ही खूब आतिशबाजी हुई। भारतीय समयानुसार दोपहर बाद 4.30 बजे न्यूजीलैंड में नए साल का जश्न शुरू हुआ। यहां लाइट शो के दौरान आसमान में ‘रिंग्स’ बनाई गई और साथ ही आतिशबाजी की गूंज के बीच नया साल मनाया गया।

बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के समय में 7.30 घंटों का फर्क है यानि न्यूजीलैंड की घड़ी भारत की घड़ी से 7.30 घंटे आगे चलती है। ऐसे में जब भारत में 31 दिसंबर की शाम हो रही थी तब न्यूजीलैंड में लोग नए साल के जश्न में डूबे थे और आतिशबाजी कर रहे थे। ऐसे ही ऑस्ट्रेलिया भी है, यहां भी भारत से करीब साढ़े पांच घंटे पहले नया साल आ जाता है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया में 5.30 घंटों का अंतर है। ऑस्ट्रेलिया की घड़ी भारत की घड़ी से 5.30 घंटे आगे चलती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे नए साल का आगमन हुआ और इसके साथ ही उत्सव की शुरुआत हुई। ऑस्ट्रेलिया में भी लोगों ने नए साल को बड़े हर्ष के साथ मनाया। सिडनी में मनमोहक आतिशबाजी के नजारे देखने को मिले।

गौरतलब है कि दुनिया में नए साल का सबसे पहले स्वागत प्रशांत महासागर में स्थिति द्वीपीय देश समोआ में होता है। भारतीय समयानुसार दोपहर 3.30 बजे यहां नया साल आ जाता है। इसके बाद न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया में नए साल का जश्न मनाया जाता है। वहीं, दुनिया में नए साल का उत्सव सबसे आखिर में मध्य प्रशांत महासागर में स्थित बेकर्स आइलैंड में मनाया जाता है।

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