पटना: राज्य में खाद की कमी पर बोले कृषि निदेशक- उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

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हाल के दिनों में राज्य के किसानों ने सूबे में खाद की किल्लत का मामला उठाया था। अब कृषि निदेशक ने कहा कि रब्बी 2020-21 मौसम में यूरिया की माह अक्टूबर से दिसम्बर तक 7.50 लाख मे0ट0 की आवश्यकता के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा 7.30 लाख मे0ट0 उपलब्ध कराया गया है। माह जनवरी में 2.20 लाख मे0ट0 के आवश्यकता के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा 2.20 लाख मे0ट0 का आवंटन किया गया है इससे स्पष्ट है कि राज्य में खाद की कोई कमी नही है। खाद की माॅग तथा जरूरत का विश्लेषण कर विभाग हर जिला को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराती है। किसानों को यह खाद सही मूल्य पर मिले इसके लिए विभाग इस पर निगरानी रखती है तथा समाचार-पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर किसानों को जागरूक करती है।
कृषि निदेशक ने कहा कि सभी जिला कृषि पदाधिकारी भी नियमित रूप से छापामारी कर दोषियों पर कड़ी करवाई कर रहे हैं। वर्ष 2020-21 में अभी तक कुल 2506 छापामारी की गई है। जिसमें से 537 विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति निलंबित, 187 अनुज्ञप्ति रद्द, 70 पर प्राथमिकी तथा 523 विक्रेताओं से स्पष्टीकरण की माॅग की गई है। सभी जिलों में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में लगातार की जा रही है जिसमें खाद के बिक्री, मूल्य एवं उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जाती है। विभाग से यह सख्त निदेश है कि हर हाल में उर्वरकों की बिक्री पाॅस मशीन से की जाय। जिसके लिए किसान को रसीद भी दिया जाता है। विभाग द्वारा समय-समय पर प्रेस विज्ञापन जारी कर पाॅस द्वारा बिक्री एवं रसीद प्राप्त करने के लिए जागरूक करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी/मूल्य नियंत्रण पर विभाग सजगता से निगरानी करता है। इस मामले में दोषी पाये जाने वाले खुदरा/थोक विक्रेताओं पर कड़ी कारवाई की जाती है। मुख्यालय स्तर पर भी स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राज्य स्तर पर कड़ी निगरानी तथा नियंत्रण किया जाता है, जिससे किसानों को खाद की उपलब्धता में कोई कठिनाई न हो। सभी किसान भाइयो-बहनों को यह पुनः सूचित करना है कि आपके जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसी भी कठिनाई या शिकायत की स्थिति में कृषि निदेशालय के दूरभाष सं0 0612-2200814 एवं मुख्यालय स्तर पर संयुक्त निदेशक(शष्य) उपादान, बिहार, पटना के मोबाईल नं0-9431818708 पर एवं जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी/जिला कृषि पदाधिकारी को सूचना दें।

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