बाहुबल की दुनिया में पांडे जी के नाम से मशहूर पूर्व बाहुबली नरेंद्र पांडेय उर्फ सुनील पांडेय को आरा में मर्डर की धमकी मिली है. अच्छे-अच्छे को हिला देने वाले सुनील पांडेय को अपराधियों ने जान से मारने की धमकी दी है. 4 बार विधायक रहे सुनील पांडेय को अपराधियों ने 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. अपराधियों ने सुनील पांडेय से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है. 

मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. जहां तरारी सीट से विधायक रहे सुनील पांडेय को अपराधियों ने जान से मारने की धमकी दी है. बाहुबली नरेंद्र पांडेय उर्फ सुनील पांडेय नीतीश के विधायक भी रह चुके हैं. इसबार के चुनाव में लोजपा से टिकट नहीं मिलने के कारण इन्होंने चुनाव से ठीक पहले लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. 

विधानसभा चुनाव में लोजपा छोड़ कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद सुनील पांडेय को इसबार करारी हार मिली थी. चुनाव के रिजल्ट आ जाने और बिहार में एक बार फिर से नीतीश की सरकार बनने पर सुनील पांडेय को जान से मारने की धमकी दी है. इनसे 50 लाख रुपये मांगे गए हैं. सुनील पांडेय ने फर्स्ट बिहार झारखंड को फोन पर जानकारी दी कि किसी शख्स ने उनके मोबाइल पर कॉल कर यह धमकी दी है. बहरहाल यह पूरा मामला अभी पुलिस के सामने नहीं आया है. शिकायत मिलने के बाद भोजपुरी पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी. 

हम आपको बता दें कि सुनील पांडे राजनीति से पहले अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह थे. इनकी खौफनाक साजिशों से कई इलाके दहल जाते थे. इनकी तूती सिर्फ बिहार ही नहीं दूसरे प्रदेशों में भी बोलती है. 23 जनवरी 2015 को आरा सिविल कोर्ट में धमाका हुआ था. इस धमाके में 2 लोगों की मौत हुई थी. कोर्ट से 2 कैदी लंबू शर्मा और अखिलेश उपाध्याय फरार हो गए थे. बाद में लंबू शर्मा की दिल्ली से गिरफ्तारी हुई.

लंबू शर्मा ने जो चौंकाने वाले खुलासे किए, उससे यूपी का डॉन मुख्तार अंसारी कांप गया. लंबू ने बताया था कि मुख्तार अंसारी को मारने के लिए बृजेश सिंह ने 6 करोड़ की सुपारी दी थी. लंबू मुख्तार के करीबी चांद मियां से उसकी रेकी करवा रहा था. लंबू के अनुसार सुनील पांडेय ने भी मुख्तार को मारने के लिए 50 लाख की सुपारी दी थी. मुख्तार को मारने के लिए ही लंबू शर्मा जेल से भागा था.

इस मामले में साजिश का खुलासा होने के बाद सुनील पांडे की गिरफ्तारी भी हुई. गिरफ्तारी के बाद सुनील पांडे जेल भेजे गए. ऐसे में उनके चुनाव लड़ने पर संकट आ गया. सुनील पांडे ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया. उसके बाद वह एलजेपी में शामिल हो गए. एलजेपी ने सुनील पांडे की पत्नी गीता पांडेय को टिकट दिया था. लेकिन वह चुनाव हार गई थीं.

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