“कोरोना वायरस टीकाकरण रोलआउट”पर एक दिवसीय ई-कार्यशाला का किया गया आयोजन

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पटना स्थित रीजनल आउटरीच ब्यूरो तथा प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो के संयुक्त तत्वाधान में आज “कोरोना वायरस टीकाकरण रोलआउट” पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण ई-कार्यशाला का आयोजन किया गया। ई-कार्यशाला में दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के संवाददाता एवं स्ट्रिंगर्स सहित फील्ड आउटरीच ब्यूरो के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

ई-कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अपर महानिदेशक एस के मालवीय ने कहा कि 16 जनवरी से पूरे देश भर में कोविड-19 टीकाकरण की शुरुआत, कोरोना की लड़ाई में निर्णायक भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि इस ई-कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सरकारी संचारकों (government communicators) को कोविड-19 टीका से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियों से अवगत करवाना है, ताकि वे लोगों में टीका को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को प्रचार माध्यमों के जरिए दूर कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी संचारकों के तौर पर हमारा मूल उद्देश्य आम लोगों में टीका के प्रति विश्वास पैदा करना है।

मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में शामिल राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार सरकार के अपर निदेशक (प्रतिरक्षण) सह राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉक्टर एनके सिन्हा ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां तो रहेंगी, लेकिन उन भ्रांतियों को हम मीडियाकर्मियों के सहयोग से दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को खत्म करने को लेकर तैयार नई वैक्सीन पूरी तरह कारगर है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के 14 दिनों के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होने लगेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीका लगने के बाद भी लोगों को 2 जग दूरी, मास्क पहनने, हाथ धुलने आदि को जारी रखना पड़ेगा।

अतिथि वक्ता के रूप में शामिल पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी ने कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स का गठन किया गया है और इसी तर्ज पर ब्लॉक लेवल टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है, जो टीकाकरण के कार्य को संपन्न करेंगे। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए केंद्रों का चयन कर लिया गया है और दो बार मॉक ड्रिल भी किया जा चुका है। साथ ही टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

अतिथि वक्ता के रूप में शामिल यूनिसेफ पटना के वरिष्ठ राज्य सलाहकार सुधाकर सिन्हा ने कहा कि भारत में कोविड-19 टीकाकरण की शुरुआत नए साल की बहुत बड़ी खुशखबरी है। भारत में शुरू होने वाला टीकाकरण विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्य है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन कारगर भी है और सुरक्षित भी है। लेकिन उन्होंने कहा कि हमें वैक्सीनेशन के बाद भी पूर्व के नियमों को कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि पहले डोज के 28 दिनों के बाद दूसरा डोज दिया जाएगा और इसके 24 दिनों के बाद तक हमें कड़ाई से सुरक्षा अपनाने की आवश्यकता है।

अतिथि वक्ता के तौर पर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार सरकार के सलाहकार शादान अहमद खान ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। कोविड-ऐप में पहले चरण के तहत करीब 4.50 लाख लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। उन्होंने कहा कि टीका लेने के बाद लोगों को कम से कम 30 मिनट केंद्र पर ही बने ऑब्जर्वेशन रूम में बैठना होगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल, रेफर अस्पताल आदि जगहों को टीकाकरण का केंद्र बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के तहत सिर्फ हेल्थ केयर वर्कर्स को ही टीका दिया जा रहा है।

ई-कार्यशाला में विषय प्रवेश करते हुए दूरदर्शन (समाचार), पटना की उपनिदेशक श्वेता सिंह ने कहा कि कोविड-19 टीका को लेकर लोगों के बीच भ्रम है, जिसे खंडित करना ही मीडियाकर्मियों का मूल काम है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के तहत फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कोविड-19 के प्रसार को रोकेगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद भी हमें 2 गज दूरी, हाथ धुलने, मास्क पहनने जैसे आवश्यक बातों को अमल में लाना होगा। ई-कार्यशाला का संचालन करते हुए पीआईबी, पटना के सहायक निदेशक संजय कुमार ने कहा कि मीडिया का दायित्व है कि कोरोना टीकाकारण के सकारात्मक पक्ष को जन जन तक पहुँचाये और जो भी भ्रांतियाँ आती है उसको दूर करें। आकाशवाणी (समाचार) पटना के संवाददाता धर्मेंद्र कुमार राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। ई-कार्यशाला में रीजनल आउटरीच ब्यूरो के निदेशक विजय कुमार तथा प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो के निदेशक दिनेश कुमार सहित बिहार के आकाशवाणी-दूरदर्शन जिला संवाददाता और फील्ड आउटरीच ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी शमिल थे ।

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