पटना: खाद की कालाबाजारी के आरोप में 205 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द

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किसानों से खाद की अधिक कीमत लेने और कालाबाजारी मामले पर कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। कृषि विभाग ने दावा किया है कि राज्य में रासायनिक खाद की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता के आधार पर आपूर्ति हो रही है। खाद रहते हुए भी अधिक कीमत पर बेचने या कालाबाजारी के मामले में वर्ष 2020-21 में अबतक पूरे राज्य में 2590 छापामारी की गई।

इनमें 562 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए। 205 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द हुए। 75 खाद विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। 1005 विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया। कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने बताया कि सभी जिलों में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लगातार की जा रही है। इसमें खाद की बिक्री, मूल्य और उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जाती है।

रबी 2020-21 में यूरिया की अक्टूबर से दिसंबर तक 7.50 टन आवश्यकता है। भारत सरकार ने 7.30 टन यूरिया उपलब्ध करा दिया है। जनवरी के लिए आवश्यक 2.20 लाख टन यूरिया आवंटित कर दिया गया है।

पॉस मशीन से ही हर हाल में करनी है उर्वरक की बिक्री
विभाग का निर्देश है कि हर हाल में उर्वरक की बिक्री पॉस मशीन से ही करनी है। इससे किसान को खाद की कीमत संबंधी रसीद देना है। खाद की कमी, कालाबाजारी और निर्धारित कीमत से अधिक लेने की स्थिति में किसान कृषि निदेशालय के दूरभाष 0612-2200814 पर सूचना दें। जिला स्तर पर डीएम या जिला कृषि पदाधिकारी को सूचना दे सकते हैं। विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।

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