पटना: लालू की चूड़ा-दही भोज की परंपरा निभाई तेज प्रताप ने,मां का लिया आशीर्वाद

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बिहार की सियासत में मकर संक्रांति पर दिए जाने वाले चूड़ा-दही भोज की किसी समय में बड़ी अहमियत और चर्चा थी। खासकर पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव के घर बड़े पैमाने पर दिए जाने वाले भोज की बात ही कुछ और होती थी। लालू के यहां भोज में सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता था। सीएम नीतीश कुमार के साथ तमाम मंत्री और कार्यकर्ता शामिल होते थे लेकिन अब वो बात नहीं रही। लालू यादव जेल में हैं। उनकी तबीयत खराब है।

इस दौरान पिछले कुछ वर्षों से उनके बड़े तेज प्रताप यादव अपने सरकारी आवास पर मकर संक्रांति के दिन चूड़ा-दही भोज देते हैं लेकिन लालू यादव के समय पर दिए जाने वाले भोज के मुकाबले यह काफी फीका होता है। गुरुवार को भी तेज प्रताप ने अपने सरकारी आवास पर चूड़ा-दही का भोज दिया। इसके पहले गुरुवार सुबह उन्‍होंने मां राबड़ी देवी का आशीर्वाद लिया और उनके बताए तरीके से अन्‍न, तिल, लईया आदि छूकर दान-पुण्‍य किया।

माता श्री से मिले तिलवा, तिलकुट, आशीर्वाद और प्यार के साथ हम तमाम बिहारवासियों के साथ #मकर_संक्रांति का पवित्र त्योहार मना रहे हैं।चूड़ा-दही भोज का आयोजन मेरे आवास 2M Stand Road पर किया गया है, आप सभी आमंत्रित हैं। pic.twitter.com/e3y3QlZ8GS

मकर संक्रांति के मौके पर लालू यादव द्वारा 2016 में दिया गया दही-चूड़ा भोज काफी चर्चा में रहा था। तब जद यू महागठबंधन में शामिल थी। लालू ने सीएम नीतीश को दही का टीका भी लगाया था। लालू के दही चूड़ा भोज में हर दल के नेताओं के अलावा अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के समर्थकों की भी अच्‍छी-खासी तादाद होती थी। उनके जेल जाने के बाद यह सिलसिला थम गया। इस साल उनकी पत्‍नी और पूर्व मुख्‍यमंती राबड़ी देवी के साथ-साथ तेजस्‍वी यादव ने भी खुद को भोज से अलग रखा लेकिन बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने सरकारी घर में दही-चूड़ा भोज जरूर दिया। हालांकि यह आयोजन काफी फीका रहा। 

उधर, जदयू के वरिष्ठ नेता बशिष्ठ नारायण सिंह का मकर संक्रांति भोज भी सियासतदानों की जुटान का बड़ा केन्द्र था। उनके यहां भोज में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के साथ प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री और कार्यकर्ता शामिल होते थे लेकिन अबकी कोरोना संकट के चलते श्री सिंह ने चूड़ा-दही भोज की मेजबानी नहीं की, पर जदयू के इस भोज की परंपरा की टेक पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह ने रखी। यहां बशिष्ठ नारायण सिंह मेहमान बनकर पहुंचे। विधानसभा चुनाव में बागी होकर जदयू से इतर चुनाव लड़ने वाले कुछ नेता भी घर वापसी की मंशा संग भोज में शामिल हुए। ऐसे नेता बशिष्ठ बाबू के अलावा मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से भी गपशप करते नजर आए। दूसरी तरफ बशिष्ठ नारायण सिंह और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के यहां भी चुनिंदा जदयू नेता मकर संक्रांति पर पहुंचे और तिलकुट का आनंद लिया।

जयकुमार सिंह के मकर संक्रांति भोज में शामिल होने वालों में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, विधानसभा के अध्यक्ष विजय सिन्हा, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अंजनी कुमार सिंह, सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, विधायक अरुण सिन्हा, नितिन नवीन, पूर्व मंत्री संजय झा, पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे, प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, पूर्व विधायक मंजीत सिंह, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, राणा रणधीर सिंह चौहान, पूर्व मंत्री डॉ. रंजूगीता, जदयू नेता छोटू सिंह, ओमप्रकाश सिंह सेतु, अंजुम आरा, डॉ. आसमा परवीन, श्वेता विश्वास, ललन पासवान, मनोरंजन गिरी आदि शामिल हुए।

पूर्व कृषि मंत्री और भाजपाके राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष राधा मोहन सिंह ने अपने दिल्‍ली स्थित आवास पर दही-चूड़ा भोज दिया। पूर्व मंत्री अवधेश कुमार सिंह ने भी अपने सरकारी आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस बार लोक जनशक्ति पार्टी सहित अन्‍य दलों के कई नेताओं ने भोज नहीं दिया तो पिछले साल तक ऐसा किया करते थे। 

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