राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- कृषि कानून वापस लेने पड़ेंगे, नड्डा के सवालों का जवाब देने से किया इनकार

0
42

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन दिल्ली की सीमाओं पर आज लगातार 55वें दिन जारी है. इस बीच  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि कृषि क्षेत्र पर तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार हो जाएगा जिसकी कीमत मध्यम वर्ग और युवाओं को चुकानी होगी.

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिशों के बावजूद किसान थकने वाले नहीं हैं क्योंकि ‘‘वे प्रधानमंत्री से ज्यादा समझदार हैं’’. राहुल गांधी का इशारा सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध की तरफ था.

राहुल गांधी ने ‘किसानों की पीड़ा’ पर ‘खेती का खून’ शीर्षक से एक बुकलेट जारी की. उन्होंने कहा, ‘‘देश में एक त्रासदी पैदा हो रही है. सरकार इस त्रासदी को नजरअंदाज करना चाहती है और लोगों को गुमराह करना चाहती है. किसानों का संकट इस त्रासदी का एक हिस्सा मात्र है.’’

राहुल गांधी ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के सवालों पर जवाब देने से इनकार कर दिया. राहुल गांधी ने कहा, ”क्या जेपी नड्डा मेरे प्रोफेसर हैं कि उनका जवाब देता जाऊं, कौन हैं ये?”

जेपी नड्डा ने कहा था कि कांग्रेस-नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को सालों तक क्यों अटका रखा था और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी नहीं बढ़ाया.

राहुल गांधी का दावा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘हवाई अड्डों, बुनियादी ढांचे, दूरसंचार, रिटेल और दूसरे क्षेत्र में हम देख रहे हैं कि बड़े पैमाने पर एकाधिकार स्थापित हो गया है. तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार है. ये तीन-चार लोग ही प्रधानमंत्री के करीबी हैं और उनकी मदद करते हैं.’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र अब तक एकाधिकार से अछूता था, लेकिन अब इसे भी निशाना बनाया जा रहा है. ये तीनों कानूनों इसीलिए लाए गए हैं.

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘नतीजा यह होगा कि तीन-चार लोग पूरे देश के मालिक बन जाएंगे. किसानों को उनकी उपज की वाजिब कीमत नहीं मिलेगी. बाद में मध्यम वर्ग को इसकी वो कीमत अदा करनी होगी, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी.’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये कानून सिर्फ किसानों पर हमला नहीं हैं, बल्कि मध्यम वर्ग और युवाओं पर हमला है. युवाओं से कहना चाहता हूं कि आपकी आजादी छीनी जा रही है.’’

कांग्रेस नेता के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा के किसान इस देश के रक्षक हैं. वे कृषि क्षेत्र को कुछ लोगों के हाथ में जाने से रोकने के लिए लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को लगता है कि किसानों को थकाया जा सकता है और उनको बेवकूफ बनाया जा सकता है. किसान प्रधानमंत्री से ज्यादा होशियार हैं. समाधान एक ही होगा कि तीनों कानूनों को वापस लेना होगा.’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.