रुपेश हत्याकांड: इंडिगो स्टाफ का सोना तस्करी में लिप्त, 2017 में गुवाहाटी के स्टेशन मैनेजर समेत 7 हुए थे गिरफ्तार

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एयरलाइन्स कंपनी इंडिगो के स्टाफ का सोना तस्करों के साथ सांठगांठ का पुराना रिश्ता रहा है। मोटी रकम लेकर तस्करी का सोना पार कराने का खेल पहले से चलता रहा है। यह बात खुद से नहीं कह रहे। इसके लिए आपको फ्लैशबैक में ले चलते हैं। बात 2017 की है। DRI की टीम ने अपने इंटेलिजेंस पर सोना तस्कर विजय कुमार उर्फ विजय कुमार शर्मा को गुवाहाटी एयरपोर्ट से 2.65 किलो सोना के साथ पकड़ा था। फिर दिल्ली एयरपोर्ट से उसके दूसरे साथी सनवर लाल शर्मा को पकड़ा, जो गुवाहाटी से 2.48 किलो सोना लेकर दिल्ली गया था। गिरफ्तारी के बाद इन दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। इसमें पता चला था कि गुवाहाटी एयरपोर्ट पर तैनात इंडिगो के सीनियर स्टेशन मैनेजर राजीव मेढ़ी और इंडिगो के ही 6 सिक्योरिटी स्टाफ इनकी मदद करते थे। 21 दिसंबर 2017 को भी इनकी मदद से तस्करी कर लाए गए सोना की एक बड़ी खेप को अपनी जगह पर पहुंचाया गया था। इनकी मदद से इस तरह का काम पहले भी होता रहा है। बगैर, वैद्य कागजात के ये लोग बड़ी आसानी से तस्करों की मदद करते थे।

अब आते हैं वर्तमान पर…

पटना में 12 जनवरी की शाम इंडिगो मैनेजर रुपेश सिंह की हत्या हो गई। सुपारी किलर्स को हायर कर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पटना पुलिस की SIT लगातार अलग-अलग प्वाइंट्स पर काम कर रही है। शूटर्स को पकड़ रही है। ठेकेदारी को लेकर हुए विवाद को खंगाल रही है। एयरपोर्ट पर पार्किंग वाले प्वाइंट को देख रही है और महिला दोस्तों व इंडिगो से हटाए गए स्टाफ के प्वाइंट पर भी इस केस की जांच कर रही है। मगर, सोना तस्करी के मामले को नजरअंदाज करके चल रही है। जबकि, इस प्वाइंट पर भी पुलिस को काम करना चाहिए था। हालांकि इस बारे में मंगलवार को पटना पुलिस के एक अधिकारी से बात की गई। उन्होंने कहा कि उनकी टीम इस प्वाइंट पर भी काम कर सकती है।

पटना में गो एयर की फ्लाइट से पकड़ा गया था तस्कर

सोना तस्करों से कनेक्शन वाली बात इस कारण से भी महत्वपूर्ण है कि बीते 19 नवंबर को DRI की टीम ने पटना एयरपोर्ट पर दिल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले ही गो एयर की फ्लाइट G8-8132 से उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले तस्कर मो. रिजवान को पकड़ा था। जो मो. फैजान के नाम से बने टिकट पर अहमदाबाद से तस्करी का 341 ग्राम सोना लेकर स्पाइस जेट की फ्लाइट से आया था और गो एयर से जाने वाला था। जब्त किया गया सोना दुबई से आया था। सोर्स की मानें तो यह तस्कर पहले इंडिगो की फ्लाइट से ही आता-जाता था। इंडिगो के स्टाफ ही उसकी मदद किया करते थे। इस मामले का रुपेश सिंह की हत्या से किस तरह का कनेक्शन हो सकता है, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

अगर पार्किंग का विवाद था तो क्यों नहीं किया गिरफ्तार

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने DGP एसके सिंघल को अपने आवास पर तलब किया था। दूसरे मुद्दों के साथ ही रुपेश हत्याकांड की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की थी। बाहर निकलने पर मीडिया से बातचीत में एसके सिंघल ने कहा कि उनकी टीम एयरपोर्ट पर पार्किंग विवाद और ठेकेदारी वाले मामले पर जांच कर रही है। हत्या के पीछे की संभावना पार्किंग विवाद हो सकता है। DGP ने यह बयान क्यों और किस आधार पर दिया? यह तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन एक बात साफ है कि अगर पार्किंग का विवाद हत्या की वजह है, तो एयरपोर्ट के तीनों ठेकेदार बउआ, रंजीत कुमार और चंदन कुमार को पूछताछ के लिए हर दिन शास्त्री नगर थाना बुलाया जा रहा है। दिन भर इन्हें थाना पर रखा जाता है, फिर रात में वापस घर भेज दिया जाता है। सवाल है कि अगर इनका रोल स्पष्ट हो चुका है तो इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?

सारण गई थी SIT

सचिवालस डीएसपी की अगुवाई में SIT में सारण जिला गई थी। जलालपुर में रुपेश के घर जाकर परिवार वालों से पूछताछ की। उनसे भी कई प्रकार के सवाल पूछे गए। सीनियर पुलिस अधिकारी के अनुसार परिवार ने किसी से दुश्मनी होने की बात से इनकार कर दिया है। काफी देर तक उनकी टीम जलालपुर में रही थी। इसके बाद ठेकेदारी वाले प्वाइंट पर जांच करने के लिए दूसरे जगहों पर गई, लेकिन वहां भी कुछ खास हाथ नहीं लगा।

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