सीएम को आज अपने कोटे के नए मंत्रियों के नामों की सूची सौंपेगी भाजपा

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बिहार में एक-दो दिन के अंदर कैबिनेट विस्‍तार हो सकता है। भाजपा बुधवार की शाम तक सीएम नीतीश को अपने कोटे के नए मंत्रियों के नामों की सूची सौंप सकती है। इन नामों पर केंद्रीय नेतृत्‍व ने मुहर लगा दी है। भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ.संजय जायसवाल और संगठन महामंत्री नागेन्‍द्र नाथ ने इसके लिए दिल्‍ली में डेरा डाला है। मिली जानकारी के अनुसार बिहार भाजपा के प्रभारी और राष्‍ट्रीय महामंत्री भूपेन्‍द्र यादव और केंद्रीय मंत्री नित्‍यानंद राय से सलाह मशविरे के बाद केंद्रीय नेतृत्‍व ने भाजपा कोटे के नए मंत्रियों के नाम फाइनल कर दिए हैं। बुधवार को इन नामों की सूची सीएम नीतीश कुमार को सौंप दी जाएगी। 

नीतीश कैबिनेट के विस्‍तार में हो रही देरी को लेकर बिहार में पिछले कुछ दिनों से सियासी हलचल तेज हो गई। पिछले दिनों सीएम नीतीश ने कहा था कि वह तो पहले ही विस्‍तार करना चाहते हैं। विस्‍तार होगा, लेकिन कब होगा यह तय नहीं है। इसके बाद यह लग रहा था कि देरी भाजपा की ओर से हो रही है। लेकिन अब भाजपा ने अपनी तैयारी कर ली है। 18 जनवरी को पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. संजय जायसवाल इस सिलसिले में दिल्‍ली चले गए। खबर आई कि मंगलवार शाम तक पार्टी ने अपने कोटे के मंत्रियों के नाम तय कर लिए। अब डॉ.संजय जायसवाल और उपमुख्‍यमंत्री तारकिशोर प्रसाद यह सूची सीएम नीतीश को सौंप देंगे।

ऐसी होगी भाजपा की नई टीम
सुशील मोदी के राज्‍यसभा में जाने के बाद बिहार की सियासत में भाजपा नई टीम खड़ी करने के लिए प्रयासरत है। इस बार जद यू के मुकाबले उसकी काफी ज्‍यादा सीटें आई हैं सो सरकार में उस पर जद यू का पहले जैसा दबाव नहीं है। भाजपा की यह नई टीम सीएम नीतीश की अगुवाई में सरकार तो चलाएगी लेकिन किसी प्रकार के दबाव से मुक्‍त होगी। शाहजनवाज हुसैन को विधान परिषद में भेजकर पार्टी नेतृत्‍व ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। देखने वाली बात होगी कि नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्‍तार में भाजपा के किन युवा और अनुभवी नेताओं को मौका मिलता है। ये नेता सरकार में भाजपा का चेहरा होंगे और बिहार की सियासत में पार्टी के आधार को और मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

राज्य में गठबंधन में अभी कई मौकों पर भाजपा सीएम नीतीश की पार्टी जेडीयू के साथ समझौता करती नजर आती थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा अनुभवी के बाद अब युवा नेताओं को सरकार में नेतृत्व देकर संतुलन कायम करने की कोशिश करेगी. हालांकि, कैबिनेट विस्तार के कुछ वरिष्ठ नेताओं को मौका देने के साथ ही जातीय समीकरण को भी साधने की पूरी तैयारी होगी.

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