राजगीर: मुख्यमंत्री ने मखदूम कुंड का परिभ्रमण कर मज़ार पर की चादरपोशी

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज नालंदा जिलान्तर्गत राजगीर स्थित मखदूम कुंड का परिभ्रमण किया और चादरपोशी कर राज्य की सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की। मौलाना मो0 अकील अख्तर एवं मो0 वकील अख्तर ने मुख्यमंत्री का स्वागत साफा बांधकर और अंगवस्त्र भेंटकर किया। परिभ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और तेजी से निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
परिभ्रमण के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि मखदूम कुंड की स्थिति को और बेहतर करने के लिए यहां की बिल्डिंग के कुछ हिस्सों का पुनर्निर्माण कराया गया था और कुछ हिस्से जो बचे हुए थे, उसका पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। इसी का जायजा लेने हम यहां आए हैं। हमारी इच्छा है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य को पूर्ण कर लिया जाए। यह ऐतिहासिक स्थल है, यह मखदूम साहब का स्थल है। यहां मखदूम साहब ऊपर में ध्यान भी लगाते थे। यहीं उनको ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। मखदूम साहब ने जितनी बातें कहीं हैं वह बहुत कम लोगों को ही जानकारी दी गई है कि क्या-क्या करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा भी इस स्थल से पुराना लगाव है। यहां हम भी अक्सर आया करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद मखदूम कुंड में पहले स्नान भी किया है।

इसके पहले मुख्यमंत्री ने राजगीर स्थित ‘गुरुद्वारा श्री नानक देव’ शीतलकुंड का परिभ्रमण किया। गुरुद्वारा में मुख्यमंत्री का स्वागत सरोपा भेंटकर किया गया। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और राज्य की सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने परिभ्रमण के दौरान गुरुद्वारा के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री को गुरुद्वारा एवं पर्यटकों के लिए बनाए जा रहे रेस्ट हाउस से संबिधित विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का जन्म स्थान बिहार के पटना साहिब में है। उनका 350वां प्रकाश पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं की हर सुविधा का ध्यान रखा गया था। वर्ष 2019 में गुरुद्वारा श्री गुरुनानक देव शीतलकुंड का शिलान्यास किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर का गर्म कुंड अपने आप में अनोखा है। वर्ष 1506 ई0 में श्री गुरुनानक देव जी राजगीर आए थे। उस समय गुरुनानक देव जी से लोगों ने आग्रह किया कि यहां सभी गर्म कुंड हंै, एक शीतल कुंड भी होना चाहिए। गुरुनानक देव जी जिस कुंड में खड़े हुए, तत्काल ही वह कुंड शीतल हो गया, जो आज शीतल कुंड के रुप में जाना जाता है। यह अपने आप में यूनिक है।


इस अवसर पर सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक श्रवण कुमार, कौशल किशोर, जितेंद्र कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदयकांत मिश्र सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

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