जननायक कर्पूरी ठाकुर को मिले भारत रत्न, दलित-अति पिछड़ों को एकजुट होने की जरूरत:- मांझी

0
38

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेo) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मंत्री जीतन राम मांझीकी  गरिमामई उपस्थिति में उनके आवास 12 एम स्टैंड रोड पटना में बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की 97 जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई । हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतनारायण शर्मा की अध्यक्षता में जननायक कर्पूरी ठाकुर की 97वां जयंती मनाई गई कार्यक्रम का संचालन अनिल रजक ने की।    पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव बिहार सरकार में लघु जल संसाधन एवं अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन जननायक कर्पूरी ठाकुर के जयंती के शुभ अवसर पर उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की । डॉ संतोष मांझी ने अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह ने कहा की युवाओं को जननायक करपुरी ठाकुर के जीवन से सीख लेनी चाहिए वह मजबूत इच्छाशक्ति के साथ सरल और सहज व्यक्तित्व के रखते थे l जननायक करपुरी ठाकुर देश के बहुत बड़े समाजवादी नेता थे । उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल में दबे, कुचले, वंचित और उपेक्षितो की आवाज बनें । उनके बाद बिहार ही नहीं पूरा देश में सादा जीवन उच्च विचार की सोच रखने रखने वाले ना के बराबर ही लोग हैं। उन्होंने सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक एवं राजनीतिक रूप से कमजोर समुदाय को उठाने का ऐतिहासिक प्रयास किए आज का अर्थ के पीछे भाग रहे हैं लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए भी सरकारी सुविधाओं का व्यक्तिगत तौर पे कभी उनसे दुरुपयोग ना हो इसका उन्होंने हमेशा ख्याल रखा हमें उनके विचारों को अपनाने की जरूरत है उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की जरूरत है ‌। हमारा प्रयास हो, उनके सपनों को हम सब मिलकर साकार करें ।         हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पूर्व मुख्यमंत्री  जननायक कर्पूरी ठाकुर के जन्मदिन पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपना श्रद्धा सुमन अर्पित की ।     

मांझी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की मांग की । उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी और मैं केंद्र और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिलाने की  की मांग को दोहराते हुए कहा कि जननायक करपुरी ठाकुर के साथ मुझे काम करने का सौभाग्य मिला है । मैं उनकी सरल और शालीन स्वभाव के बारे में जितना भी कहूंगा कम है । वह महान व्यक्ति थे । उनके अंदर किसी प्रकार का अहम नहीं था । वह दलित अति पिछड़ों की समस्याओं को दूर कराने के लिए चिंतित रहते थे । उनके विकास के लिए उन्होंने काम भी किया है । जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत मिलना ही चाहिए ।    मांझी ने कहा कि मुझे याद है मैं उनके जिले का प्रभारी मंत्री था और हम दोनों सर्किट हाउस में थे वह ऊपर थे और हम नीचे एक कमरे में थे रात करीब 11:00 बजे वह मेरे दरवाजे को खट खट आए हमें लगा कौन है मैंने पूछा कौन उन्होंने कहा मैं हूं उनकी आवाज से मुझे लगा कर्पूरी ठाकुर जी हैं जब मैं बाहर निकला तो मेरे कंधे पर हाथ रख मेरे भी छोड़ने पर बैठ गए और उन्होंने मेरे काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि तुम आने वाले समय में नेतृत्व कर्ता के रूप में काम करोगे और मुझे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का अवसर भी मिला तो इतनी बड़ी सोच रखने वाले महान व्यक्ति के साथ काम करने का अवसर मिले संभव नहीं ।     

मांझी ने कहा कि दलित और अति पिछड़ों के बच्चों की पढ़ाई लिखाई ठीक से हो इस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है । हम जब साक्षर होंगे तभी जाकर हमारा विकास होगा । विकास के लिए शिक्षा जरूरी है । मांझी ने कहा अति पिछड़ों और दलितों को एकजुट होने की जरूरत है। तभी हमारा समाज विकास करेगा । हमें दलित अति पिछड़ों के विकास के लिए राज्य सरकार की योजनाओं सहित अपने संसाधन से भी मदद कर काम करना होगा। तभी जाकर हम अपने समाज में गरीबी को दूर कर पाएंगे ।    जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान, प्रदेश अध्यक्ष बी एल बैश्यन्त्री, प्रदेश प्रवक्ता विजय यादव, अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी, रघुवीर मोची, राम विलास प्रसाद, पूनम पासवान, अनिल रजक, गीता पासवान, रविंद्र शास्त्री, रामनिवास प्रसाद (अधिवक्ता), शैलेश मिश्रा आदि हम नेताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित की और उनके बताए सिद्धांतों पर चलने की बात कही ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.