पटना: आरसीपी सिंह JDU को शिवसेना जैसी मुखर पार्टी बनाने में जुटे, आक्रामक शैली अपनाएगा दल

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राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आरसीपी सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला लेकर नीतीश कुमार ने सबको चौंका दिया था लेकिन अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद आरसीपी सिंह अपने फैसलों से सबको चौका रहे हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू की पहचान एक नरमपंथी पार्टी के तौर पर थी लेकिन अब आरसीपी इसे आक्रामक बनाने में जुट गए हैं। आरसीपी सिंह की तैयारी बताती है कि वह आक्रामकता के मामले में जेडीयू को शिवसेना की तरह खड़ा करना चाहते हैं।

नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते जेडीयू के नेता विपक्ष के निशाने पर पलटवार करते थे लेकिन अब नए दौर में आरसीपी सिंह ने पार्टी के नेताओं को ऑफेंस इज द बेस्ट डिफेंस की नीति पर चलने का निर्देश दिया है। अब विपक्ष पर पलटवार की बजाय उस पर हमला बोलने की नीति अपनाई गई है। आरसीपी सिंह ने पार्टी के तमाम प्रवक्ताओं समेत ऐसे नेताओं को निर्देश दिया है जो मीडिया के जरिए बयान देते हैं। जदयू अध्यक्ष ने कहा है कि विपक्ष को जिस मुद्दे पर भी घेरने की आवश्यकता हो उसपर हमला किया जाए। विपक्ष पर हमलावर रहना जेडीयू की नीति का पहला हिस्सा बन गया है। आरसीपी सिंह ने पार्टी के नेताओं और एक्टिव कार्यकर्ता हमको इसके लिए सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने का निर्देश दिया है यह अलग बात है कि नीतीश कुमार सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर अलग रखते हैं लेकिन आरसीपी सिंह पार्टी के नेताओं को यह कह रहे हैं कि सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष के नेताओं को घेरिये।

आरसीपी सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। संगठन को मजबूत करने के लिए कवायद में जुटे हुए हैं। यह आरसीपी सिंह का ही नेतृत्व है कि बिहार में पहली बार कोई राजनीतिक पार्टी अपना मुखपत्र जारी करने जा रही है। अब तक शिवसेना के मुखपत्र सामना की चर्चा होती थी लेकिन अब जनता दल यूनाइटेड की तरफ से मासिक मुखपत्र ‘जदयू संधान’ की शुरुआत होने जा रही है। आरसीपी सिंह आज यानी सोमवार को पार्टी कार्यालय में इसकी लॉन्चिंग करेंगे। जदयू संधान मुखपत्र के जरिए पार्टी के अंदर गतिविधियों संगठन और नीतियों के साथ-साथ नीतीश सरकार के कामकाज की भी चर्चा होगी। इसका मकसद पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एक्टिव रखना है। इतना ही नहीं आरसीपी सिंह लगातार ऐसे पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को शॉर्टलिस्ट करने में जुटे हुए हैं जिन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया। सूत्रों की माने तो सरकार बनने के बाद अब ऐसे ही ईमानदार नेताओं कार्यकर्ताओं को आयोग से लेकर 20 सूत्री कमिटियों तक में एडजस्ट किए जाने की तैयारी है हालांकि इस पूरी कवायद में भी जातीय समीकरण का ख्याल रखा जाएगा।

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