दरभंगा: 46 सालों से खपरैल भवन में चल रहा था थाना, ग्रामीणों ने चंदा इकठ्ठा कर सात महीने में बनवा दिया

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दरभंगा जिले के तिलकेश्वर ओपी के लोगों ने सरकार के उदासीन रवैये को देखकर खुद ही थाने के लिए 10 कमरों का मकान बनवा लिया है. इस मकान में किचन, हाजत के अलावा हर पदाधिकारी के लिए एक-एक कमरा है. बता दें कि पिछले 46 सालों से सरकार तिलकेश्वर ओपी के लिए एक भवन का निर्माण नहीं करवा सकी है. लेकिन गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से महज सात महीने में ही 10 कमरों के भवन का निर्माण करवा दिया है साथ ही सरकार के मुंह पर तमाचा भी जड़ दिया है.

इस भवन के निर्माण में करीब 16 लाख रुपये खर्च किये गए हैं. इस भवन का उद्धाटन प्रखंड प्रमुख बिजल पासवान ने फीता काट कर किया. तिलकेश्वर ओपी प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि हाजत नहीं रहने से कैदी को कुशेश्वरस्थान थाना में जाकर रखना पड़ता था. रात होने पर कैदी को हथकड़ी लगाकर सिपाही पकड़े रहता था. आवागमन नहीं रहने से परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ग्रामीणों ने बताया कि खपरैलनुमा मकान जर्जर होने पर एसआई बालेन्दु मिश्रा से कैदी हाजत बनाने की बात हुई. लेकिन राय विचार होने पर ग्रामीणों ने भवन बनाने में सहयोग की बात कही. भवन बनाने के लिए चंदा एकत्रित किया गया.

बता दें कि बिहार सरकार ने वर्ष 1974 में तिलकेश्वर ओपी की स्थापना की थी. दियारा का यह क्षेत्र जिले के सबसे सुदूरवर्ती होने के साथ साथ खगड़िया, सहरसा व समस्तीपुर का सीमावर्ती क्षेत्र है. इस ओपी के अंतर्गत 46 गांव हैं. तिलकेश्वर ओपी कुशेश्वरस्थान थाना से 22 किलोमीटर दूर है. कुशेश्वरस्थान से तिलकेश्वर जाने के लिए फिलहाल अभी कोई सड़क नहीं है. एक सड़क का निर्माण चल रहा है. बाढ़ के समय में तीन से चार माह लोगों को आवागमन के लिए नाव का ही सहारा है.

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