पूरे जम्मू-कश्मीर में 4G इंटरनेट सेवा बहाल, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय से बंद थी सर्विस

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पूरे जम्मू-कश्मीर में करीब 18 महीने बाद 4G इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छे 370 हटाए जाने के समय से ही 4G इंटरनेट सेवा बंद थी. अब इस सेवा को बहाल कर दिया गया है.

4 जी सेवा बहाल किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर खुशी जताई. उन्होंने कहा, ”4G मुबारक! अगस्त 2019 के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर को 4 जी मोबाइल डाटा मिला. देर आए दुरुस्त आए.”

बता दें कि कि पांच अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया था.


5 अगस्त 2019 से बंद की गई थी इंटरनेट सेवाएं

बता दें कि, सरकार द्वारा आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद से बढ़ते तनाव को कम करने के लिए जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं 5 अगस्त 2019 से बंद कर दी गई थी।  हालांकि, 2जी इंटरनेट सेवा को 25 जनवरी 2020 को बहाल किया गया था। इसके बाद उधमपुर और गांदरबल में 16 अगस्त 2020 को हाई स्पीड इंटरनेट सेवा ‘ट्रायल बेसिस’ पर शुरू की गई थी, जिसे आज भी बरकरार रखा गया है, लेकिन बाकी जिलों में 2जी इंटरनेट सेवा ही जारी थी। अगस्त 2019 के बाद साल भर से अधिक समय बाद कश्मीर और जम्मू के एक-एक जिले में ट्रायल बेसिस पर 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल की गई थीं। 

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला 

जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद से जम्‍मू कश्‍मीर में बंद की गई 4G मोबाइल इंटरनेट सेवा फिर से शुरू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में बनी स्‍पेशल कमिटी ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में खतरा अभी भी चरम पर है। इंटरनेट को लेकर जो प्रतिबंध हैं उससे कोविड और शिक्षा के मामले में कोई अवरोध नहीं हो रहा है। अभी जो स्थिति है उसमें हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस बहाल करना मुमकिन नहीं है। बता दें कि इससे पहले जनवरी 2020 में 2जी मोबाइल इंटरनेट सर्विस को लागू कर दिया गया था। अब पूरे जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाओं को बहाल किया जा रहा है।

इन आदेशों का करना होगा पालन

बताया जा रहा है कि हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा का लाभ पोस्टपेड कस्टमर्स उठा सकेंगे, जबकि प्रीपेड कस्टमर्स वैरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस सेवा का लाभ उठा पाएंगे। फिलहाल, लोगों की जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार ये बड़ा फैसला लेने जा रही है। 

आतंकी न कर सकें दुरूपयोग बनानी होगी नीति

4जी इंटरनेट की बहाली तो होने जा रही है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को इसके लिए अलग से नीति बनानी होगी क्योंकि जाहिर सी बात इस सेवा का दुरूपयोग आतंकी संगठन भी करेंगे क्योंकि सभी को पहले से ही पता है कि कश्मीर में आतंकी एक-दूसरे तक अपनी बात पहुंचाने के लिए इंटरनेट का कैसे प्रयोग कर सकते हैं।

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