प्रधानमंत्री का किसान नेताओं को आन्दोलनजीवी एवं परजीवी कहना गैर लोकतात्रिक:-राजद

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 राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सह प्रवक्ता डाॅ0 रामानुज प्रसाद एवं राजद
के प्रदेश महासचिव भाई अरूण कुमार ने कल राज्य सभा में माननीय
प्रधानमंत्री जी के द्वारा आन्दोलनकारियों को आन्दोलनजीवी, परजीवी एवं
एफ0डी0आई0 जैसे गैर लोकतात्रिक शब्दो का प्रयोग करने पर गहरी नाराजगी
प्रगट करते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति के द्वारा
लोकतंत्र के मंदिर में ऐसे भाषा का प्रयोग गैरवाजीव ही नहीं बल्की गैर
लोकतात्रिक भी है। हमारे प्रधानमंत्री जी के खिलाफ या उनके सरकार के
खिलाफ यदि कोई व्यक्ति आन्दोलन करता है, तो अगर वे अल्पसंख्यक सामाज से आ
रहे है तो उन्हे पाकिस्तानी बता दिया जाता है। अगर सिख सामाज से आते है,
तो उन्हे खालिस्तानी बता दिया  जाता है। और जाट, किसान  आन्दोलन करते है,
तो उन्हे परजीवी , आन्दोनलजीवी जैसे शब्दों से नवजा जाता है और अगर देश
के बाहर का व्यक्ति कुछ बोलते है तो उन्हे एफ0डी0आई0 यानी फौरन
डिस्टैक्टिव आईडिया कह कर दिगभ्रमित करने का काम करती है। राष्ट्रीय जनता
दल का मानना है कि भारत देश आन्दोनलकारियों का देश है और हम जो
स्वतंत्रता की सांस ले रहे है वह महान स्वतंत्रता सेनानियों महात्मा
गाँधी, सुबाषचन्द्र बोस, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह जैसे आन्दोलनकारियों
की देन है। तो मोदी जी ऐसा बोल कर इन स्वतंत्रता सेनानीयों का अपमान करने
का काम कर रहे है। मोदी जी को बताना चाहिए कि जब जे0पी0 ने छात्र आन्दोलन
कि शुरूआत की थी तो वह गुजरात से ही हुई थी जिसमें मोदी जी कहते है कि वे
आन्दोलन का हिसा थे। तो वे बताए की वे कौन-सा जीवी थे। जब वे अमेरिका में
जा कर लिक से हटकर  उन्होंनें नारा दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार तो
क्या उनके इस नारा को फौरन डिस्टैक्टिव आईडिया कहा जाए। नरेन्द्र मोदी जी
आप के द्वारा ऐसी भाषा का प्रयोग करने पर हमारे पूर्वज एवं स्वतंत्रा
सेनानी अपने-आप को लज्जीत महसुस कर रहें होगें , मोदी जी अगर आप किसी के
उपर एक उंगली उठाते है तो तीन उंगलीया भी आप के ओर उठती है।
        इन नेताओं ने मोदी जी से कहा कि ऐसी भाषा का प्रयोग करने के लिए देश की
जनता से मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए।

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