बिहार: इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिकल से ITI करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, नौकरी देगी नीतीश सरकार

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बिहार में इलेक्ट्रीशियन, फीटर, इलेक्ट्रानिक मेकेनिक, डीजल मेकेनिक, वेल्डर या अन्य किसी ट्रेड से आईटीआई करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार के सभी सरकारी ITI का सर्टिफिकेट अब देश भर में मान्य होगा. केंद्र सरकार ने एनसीवीटी की मान्यता दे दी है. इससे स्टूडेंट्स को काफी फ़ायदा होगा. सूबे के सभी 149 सरकारी आईटीआई को केंद्र सरकार से मान्यता दे दी गई है. बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि अब जो भी छात्र बिहार के इन कॉलेजों से पास होंगे, उनकी डिग्री की मान्यता देश भर में होगी. उन्होंने आगे कहा कि 26904 छात्र-छात्राओं को एक समान डिग्री मिलेगी. इसका फायदा छात्रों को देश और विदेशों में भी मिलेगा. 

छात्रों को ऑनजॉब ट्रेनिंग दिलवा कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और वर्तमान बाजार मांग के अनुरूप अन्य लोकप्रिय व्यवसाय शुरू किया जायेगा. मंत्री ने कहा कि 9 जिलों में एक-एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की गयी है. इन 9 संस्थानों में 5 भवन तैयार हो चुका है. इस योजना अंतर्गत सभी ITI के कुशल प्रबंधन के प्रावधान के अनुरूप संस्थान प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है.

श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 तक राज्य के मात्र 45 सरकारी ITI को ही NCVT से संबद्धता प्राप्त थी, जिसके तहत राज्य के कुल 26904 विद्यार्थियों में से कुल 12 हजार विद्यार्थी ही NCVT से संबद्ध संस्थाओं से प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करते थे. बाकी के 14904 को एनसीवीटी से प्रमाण पत्र दिया जाता था.  इसके मद्देनजर राज्य के सभी 149 सरकारी ITI को एनसीवीटी से मान्यता दिलाये जाने हेतु केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया था, जिसकी स्वीकृती मिली गई है. 

मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि सभी सरकारी ITI को आधुनिक बनाने एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे.  इसका प्रावधान बजट में किया गया है. मंत्री ने कहा कि मान्यता प्राप्त संस्थानों में मुख्य रूप से इलेक्ट्रीशियन, फीटर, इलेक्ट्रानिक मेकेनिक, डीजल मेकेनिक, वेल्डर, आइसीटीएसएम इत्यादि ट्रेड है. लेकिन, अब इन संस्थानों में छात्रों की रूची के मुताबिक नया ट्रेड लाया जायेगा. 

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