सोशल मीडिया पर छाई रही पीएम मोदी की रैली, 10 लाख से ज्यादा हुए ट्वीट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान की रैली जमीन ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी छाई रही। जिस वक्त प्रधानमंत्री मोदी रैली को संबोधित कर रहे थे, उस वक्त संबंधित हैशटैग (मोदीसाथेब्रिगेड) पर एक मिलियन(10 लाख) से ज्यादा ट्वीट हो चुके थे। भाजपा के पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी और आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने ब्रिगेड परेड मैदान में हुई प्रधानमंत्री मोदी की रैली को पश्चिम बंगाल चुनाव का टर्निग प्वाइंट बताया है। प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिगेड परेड की रैली में उमड़ी भीड़ से भाजपा के नेताओं में उत्साह है। भाजपा के नेता इस रैली को चुनाव का टोन सेट करने वाला बताते हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल में अब तक वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की ओर से ब्रिगेड परेड मैदान भरने की चुनौती दी जाती थी। मगर, प्रधानमंत्री मोदी की रविवार को हुई रैली में जिस तरह से भीड़ जुटी, उससे भाजपा ने भी जता दिया है कि वह भी मैदान को भरने की क्षमता रखती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिगेड परेड मैदान की रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “दीदी को मैं बरसों से जानता हूं। ये वो दीदी नहीं है, जिन्होंने वामपंथ के अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई थी। दीदी पर अब उनका अपना भी बस नहीं है, दीदी का रिमोट कंट्रोल अब कहीं और है। इसलिए वो ऐसी बातें कर रही हैं जो बंगाल की मूल सोच और परंपरा के विरुद्ध है।”

प्रधानमंत्री मोदी भी भारी भीड़ देख उत्साहित हुए। उन्होंने कहा, “आपके इसी जोश से दीदी और उनके साथियों की नींद उड़ी हुई है। तभी तो ये लोग कह रहे हैं कि इस बार – खेला होबे। टोलाबाजी, सिंडीकेट, कमीशन कट जैसे इतने घोटाले इन्होंने किए हैं कि अपने आप में करप्शन ओलंपिक्स का खेल आयोजित हो जाए।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस-लेफ्ट के गठबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वामपंथियों ने नारा दिया था -‘कांग्रेस कालो हाथ, भेंगे दाओ, गुड़िये दाओ!’ इन नारों के दम पर वामपंथी दशकों तक सत्ता में रहे। जिस हाथ को वामपंथी काला समझते थे, वो आज सफेद कैसे हो गया? जिस हाथ को तोड़ने की बात करते थे, आज उसी का आशीर्वाद लेकर वो चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी बोले, “हमारा लक्ष्य पश्चिम बंगाल में सिर्फ सत्ता का परिवर्तन करना ही नहीं है। हम बंगाल की राजनीति को विकास केंद्रित करना चाहते हैं। इसलिए हम असोल पोरिवर्तन की बात कर रहे हैं।”

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