एंटीलिया केस में नया ट्विस्ट:पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस ने विधानभवन में पढ़ा मनसुख की पत्नी का शिकायती पत्र, कहा- हत्या में शामिल सचिन वझे हो गिरफ्तार

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मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर मिली स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस ने हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। मनसुख की मौत को साजिश करार देते हुए पूर्व CM ने उनकी पत्नी विमला हिरेन की कंप्लेंट की कॉपी विधानसभा में पढ़ी। पूर्व CM ने कंप्लेंट कॉपी के आधार पर बताया कि क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वझे ने मनसुख की कार को चार महीने पहले इस्तेमाल किया था। वे मनसुख से कई बार मिले थे। वझे ने ही साजिश के तहत मनसुख की हत्या की है। फडणवीस ने सचिन को गिरफ्तार करने की मांग की है। फडणवीस के बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया।

मनसुख हिरेन का शव 6 मार्च को ठाणे की खाड़ी से संदिग्ध परिस्थियों में बरामद हुआ था। उनके मुंह में रूमाल भी ठूसे हुए थे। परिवार ने भी उनकी आत्महत्या की थ्योरी को खारिज कर इसे हत्या बताते हुए जांच की मांग की है। वहीं, विपक्षी पार्टी भाजपा ने मामले की जांच NIA से करवाने की मांग की थी। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मामले की जांच महाराष्ट्र ATS को सौंप दी है।

पूर्व CM फडणवीस के पांच दावे…

  • विमला हिरेन ने कहा है कि उनके पति का मर्डर सचिन वझे ने किया है।
  • मनसुख की पत्नी ने यह भी सवाल उठाए हैं कि उस रात को आखिर वो घर से 40 किलोमीटर दूर क्यों गए?
  • फडणवीस ने सदन में यह भी कहा कि साल 2017 में फिरौती के एक मामले में सचिन वझे और शिवसेना नेता धनंजय गावड़े आरोपी थे। मनसुख की लास्ट मोबाइल लोकेशन गावड़े के ऑफिस के पास ही मिली है।
  • पत्नी ने कहा है कि सचिन वझे चाहते थे कि मनसुख स्कॉर्पियो केस में आरोपी बन जाए। उन्होंने मनसुख से कहा था कि वे बाद में उन्हें जमानत पर रिहा करवा देंगे।
  • देवेंद्र फडणवीस ने सवाल उठाया कि सचिन वझे को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उनके खिलाफ कई सबूत थे। धारा 201 के तहत उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

हिरेन की पत्नी के लिखित बयान में क्या है? 
फडणवीस ने विधानसभा में हिरेन की पत्नी की कंप्लेंट की कॉपी पढ़ते हुए कहा, “26 फरवरी 2021 को मेरे पति पूछताछ के लिए सचिन वझे के साथ क्राइम ब्रांच गए। इसके बाद 10.30 बजे आए। उन्होंने मुझे बताया कि वे दिन भर सचिन वझे के साथ थे। 27 फरवरी की सुबह मेरे पति एक बार फिर क्राइम ब्रांच के ऑफिस गए और रात 10.30 बजे वापस आए। इसके बाद 28 फरवरी को फिर एक बार वे सचिन वझे के साथ गए और अपना स्टेटमेंट लिखवाया। घर आकर उन्होंने स्टेटमेंट की कॉपी रखी, उसमें सचिन वझे का हस्ताक्षर भी है यानी किसी और ने उनसे पूछताछ नहीं की। तीनों दिन सचिन वझे ही उनके साथ थे।“

हिरेन की पत्नी ने आगे लिखा कि 2 मार्च को घर आने के बाद उनके पति सचिन वझे के साथ ही ठाणे के घर से मुंबई गए थे और उनके कहने पर ही वकील गिरी के माध्यम से उन्होंने पुलिस और मीडिया द्वारा बार-बार पूछताछ किए जाने से परेशान होने की शिकायत की थी।

इसके बाद पत्नी ने शिकायत में लिखा है, “पूरी परिस्थिति को देखते हुए मुझे शक है कि मेरे पति का खून सचिन वझे ने किया है।” इतना कुछ लिखने के बाद भी सचिन वझे की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पूछा।

सचिन वझे से पूछताछ की बात सामने आई
महाराष्ट्र, एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (ATS) लगातार मनसुख केस की जांच में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र ATS की टीम ने सचिन वझे का बयान भी देर रात दर्ज किया है। अंबानी के घर के पास 6 फरवरी को एक स्कॉर्पियो बरामद हुई थी, जिसमें जिलेटिन की 20 छड़ें थीं। इसके बाद 5 मार्च को गाड़ी के मालिक मनसुख का शव बरामद हुआ। शव के चेहरे पर पांच रुमाल बंधे हुए थे। परिवार और पड़ोसियों का कहना है कि हिरेन जिंदादिल इंसान थे। वे कभी आत्महत्या नहीं कर सकते। हिरेन सोसाइटी में बच्चों को स्विमिंग भी सिखाते थे। इसलिए डूबने से भी मौत का सवाल पैदा नहीं होता है।

शिवसेना नेता गावड़े ने दी सफाई
इस पूरे मामले में नाम सामने आने के बाद धंनजय गावड़े ने सफाई देते हुए एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वे मनसुख को नहीं जानते थे। उन्होंने कहा,’मुझे जांच एजेंसी पर पूरा भरोसा है। मुझे नहीं पता फडणवीस क्यों इस मामले में मेरा नाम घसीट रहे हैं। अगर मैं दोषी हूं तो जांच एजेंसी मुझ पर कार्रवाई करेगी। मेरे फार्म के पास अगर किसी भी व्यक्ति का फोन मिलता है और उसका निधन हो जाता है तो क्या मैं सभी केस में आरोपी होऊंगा। जांच होने दीजिये सब सच सामने आ जाएगा।’ 45 धनंजय गावड़े वसई-विरार नगर निगम में नालासोपारा से शिवसेना के पूर्व नगरसेवक थे।

गवाह की सुरक्षा नहीं कर सकी मुंबई पुलिस
इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने मनसुख हिरेन मामले के जरिए मुंबई पुलिस पर निशाना साधा है। फडणवीस ने कहा कि मुंबई पुलिस एक गवाह की सुरक्षा नहीं कर सकी। फडणवीस ने कहा, ‘ इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जब मनसुख क्रॉफर्ड मार्केट में आए तो उनसे सबसे पहले मिलने वाला शख्स कौन था?

मनसुख का मोबाइल अब तक नहीं मिला
मनसुख हिरेन का मोबाइल अब तक नहीं मिला है। लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है वो यह कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताई गई मौत की टाइमिंग के बाद मोबाइल ऑन रखा गया था। मोबाइल रात साढ़े ग्यारह बजे तक ऑन रहा। यानी इस बात की आशंका है कि खाड़ी में फेकने से पहले हिरेन की हत्या की गई और पुलिस को भ्रमित करने के लिए जानबूझ कर मोबाइल को ऑन रखा गया। पुलिस का मानना है कि ये मोबाइल कातिल ने जानबूझकर ऑन रखा था जिससे पुलिस को भटकाया जा सके।

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