पटना: प्लेटफॉर्म नंबर 4 का रास्ता खुलवाने के लिए अनशन पर बैठे तो राजभवन ने कहा – 3 दिन में खुल जाएगा

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राजेंद्र नगर टर्मिनल पर अनशन कर रहे लोगों को राजभवन से बड़ी राहत मिली है। राजभवन की ओर से उन्हें आश्वासन मिला है कि तीन दिनों के अंदर टर्मिनल के प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर स्थित गेट को खोल दिया जाएगा। राजेंद्र नगर इलाके के रहने वाले समाजसेवी विजय कुमार की अगुवाई में आज मंगलवार को लोग टर्मिनल पर ही अनशन करने बैठ गए थे। जानकारी मिलने पर रेलवे के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे थे। बाद में अधिकारियों के साथ 5 लोगों का प्रतनिधिमंडल राजभवन गया। इन लोगों ने अपना मांगपत्र राज्यपाल फागु चौहान को भिजवाया। राज्यपाल के कार्यालय से उन्हें जवाब दिया गया कि बंद रास्ते को तीन दिनों में खुलवा दिया जाएगा।

सीनियर सिटिजन से लेकर आम लोगों को हो रही दिक्कत

राजेंद्र नगर टर्मिनल, राजेंद्र नगर और इसके आसपास के इलाके के लोगों की पहुंच से दूर हो गया है। इलाके के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए अभी भी काफी घूम कर कंकड़बाग और बहादुरपुर के रास्ते से आना-जाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और सीनियर सिटिजन को हो रही है। इसके अलावा PMCH जाने वाले मरीज हों, कॉलेज-कोचिंग जाने वाले स्टूडेंट्स या डेली पैसेंजर्स, सबको तकलीफ काफी हो रही है। इलाके के लोगों ने रेलवे और पटना जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई दफा गुहार लगाई। 22 फरवरी को गर्दनीबाग में एक दिन के धरना पर बैठे थे। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो परेशान होकर आज टर्मिनल पर अनशन करने बैठ गए।

रेलवे प्रशासन पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप

अनशन की अगुवाई कर रहे समाजसेवी विजय कुमार का आरोप है कि रेलवे प्रशासन ने अड़ियल एवं अमानवीय रवैया अपनाया हुआ है। राजेंद्र नगर टर्मिनल पर प्लेटफार्म नंबर 4 का उत्तरी गेट, जो राजेंद्र नगर की तरफ खुलता है वो आज भी बंद है। इस मामले का लेकर रेल मंत्री से लेकर दानापुर के DRM और रेलवे प्रशासन व संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख कर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन, आम लोगों को हो रही परेशानियों से रेलवे प्रशासन का कोई लेना देना नहीं है। आश्वासन देकर ये लोग पूरी तरह से बैठ गए हैं। रास्ता खुलवाने को लेकर कोई कदम रेलवे के अधिकारियों की तरफ से अब तक नहीं उठाया गया है, जबकि, 3 मार्च को DRM को इस मामले की लिखित जानकारी दी गई थी।

प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर बना रास्ता बड़े काम का

राजेंद्र नगर टर्मिनल के प्लेटफॉर्म नंबर 4 के पश्चिमी छोर पर स्थित इस रास्ते का महत्व काफी ज्यादा है। इस रास्ते का फायदा सिर्फ राजेंद्र नगर और उसके आसपास के लोगों को ही नहीं होता था, बल्कि पटना के आसपास के इलाके से आने वाले डेली पैसेंजर्स को भी होता था। पटना सिटी, फतुहा, खुसरुपुर, बख्तियारपुर और बाढ़ से कॉलेज औेर कोचिंग करने वाले स्टूडेंट्स डेली आते हैं। जो इसी रास्ते से भिखना पहाड़ी, पटना यूनिवर्सिटी की तरफ जाते हैं। लेकिन, स्थानीय लोगों के साथ-साथ इन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। टर्मिनल बनने के बाद यहां टिकट काउंटर बनाया गया था। यह कोरोना के शुरुआती दौर से ही बंद है।

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