मुंबई में कोरोना केस में 89% उछाल, ठाणे के 11 हॉटस्पॉट में लगा लॉकडाउन, महाराष्ट्र का ऐसा है बुरा हाल

0
231

महाराष्ट्र में कोरोना ने एक बार फिर से साल 2020 की तरह ही 2021 में भी तांडव मचाना शुरू कर दिया है। मुंबई में कोरोना अब कितना तेजी से फैल रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां एक्टिव केसों की संख्या में 89 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि अब मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में सख्ती बढ़ गई है। बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच अब एक बार फिर से लॉकडाउन की आहट लौट आई है। मुंबई के ठाणे में कोरोना को काबू में करने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर से लॉकडाउन को ही अपना हथियार बनाया है और इसने ठाणे के 11 हॉटस्पॉट में लॉकडाउन लागू कर दिया है।

11 हॉटस्पॉट में लॉकडाउन
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ठाणे शहर के 11 हॉटस्पॉट में 13 मार्च से 31 मार्च के बीच लॉकडाउन की घोषणा की गई है। ठाणे नगर आयुक्त विपिन शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में इन क्षेत्रों में कोरोना के मामलों में वृद्धि के कारण यह निर्णय लिया गया।

ठाणे में कोरोना का हाल
आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन ठीक उसी तरह रहेगा, जैसे पहले लागू था। बता दें कि ठाणे में कोविड-19 के 780 नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,69,845 हो गई है। अधिकारी ने बताया कि संक्रमण से तीन और लोगों की मौत होने से जिले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,302 हो गयी है। उन्होंने बताया कि जिले में कोविड-19 के कारण मृत्यु दर 2.34 प्रतिशत है।

मुंबई में एक्टिव केस 89 फीसदी
कोरोना के रोजाना केसों में बढ़ोतरी के बीच मुंबई में पिछले महीने की तुलना में एक्टिव केसों की संख्या में लगभग 89% की वृद्धि हुई है। अंधेरी (पश्चिम), चेंबूर, गोवंडी सहित आठ सिविक वार्ड में सबसे अधिक कोरोना केस दर्ज किए जा रहे हैं और इनका इस आंकड़ों में सबसे अधिक योगदान है। मुंबई में 7 मार्च को कोरोना के 1360 नए केस दर्ज किए गए, जबकि 1020 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। वहीं, 6 मार्च को मुंबई के एक्टिव मामलों की संख्या 10,398 हो गई, जो फरवरी के पहले सप्ताह में केवल 5,500 थी। मुंबई में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 3,34,583 हो गए। 

तीन हफ्ते पहले मुंबई में रोजाना मिलने वाले कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 500 से नीचे थी। मगर कोरोना के नए मामले 17 फरवरी से बढ़ने लगे और यह आंकड़ा 700 पार करने लगा। नागरिकों द्वारा कोविद प्रोटोकॉल को न मानना, आम जनता को लोकल ट्रेनों में यात्रा करने और विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों को खोलने की अनुमति के बाद यह उछाल देखने को मिली।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.