बिहार: शराबबंदी के बावजूद अब तक डेढ़ करोड़ लीटर दारू जब्त, सरकार बोली- जहां शराब पकड़ाया, वहां खुलेगा थाना

0
30

बिहार में शराबबंदी का सच उजागर करने वाले एक आंकड़े को समझिये. बिहार विधानसभा में मंगलवार को सरकार ने जानकारी दी. शराबबंदी के बाद बिहार में डेढ करोड़ लीटर से ज्यादा शराब की बरामदगी हो चुकी है. लेकिन फिर भी विधानसभा में आज सरकार ने कहा कि पटना से लेकर खगड़िया तक अब किसी की हिम्मत नहीं है कि शराब पीकर हंगामा कर सके. विधानसभा में सरकार ने ये भी एलान किया कि पटना के जिस गोदाम में शराब की बरामदगी हुई थी उसी गोदाम में थाना खुलेगा.

अब डेढ़ करोड़ लीटर शराब जब्त
बिहार विधानसभा में आज मद्य निषेध विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि शराबबंदी के बाद बिहार में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बारमदगी हुई है. पुलिस, उत्पाद विभाग और दूसरी एजेंसियों ने अब तक 97 लाख लीटर से ज्यादा विदेशी शराब और 53 लाख लीटर से ज्यादा देशी शराब बरामद किया है. सरकार ने 50 हजार से ज्यादा गाड़ियों को पकड़ा है जिनमें 15 हजार से ज्यादा वाहनों को जब्त किया जा चुका है.

अब शराब पीने की हिम्मत नहीं
मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि अब किसी की हिम्मत नहीं कि पटना के डाकबंगला चौराहा पर शराब पीकर हंगामा कर दे. किसी की हिम्मत नहीं कि वह खगड़िया के किसी चौराहे पर भी शराब पीकर हंगामा कर दे. सरकार की शराबबंदी पूरी तरह सफल रही है. इक्का-दुक्का मामले सामने आ रहे हैं लेकिन पुलिस औऱ उत्पाद विभाग उससे भी निपट रहा है.

194 पुलिसवाले हो गये बर्खास्त
मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि शराब के कारोबार में लापरवाही और संलिप्तता के आरोपी पुलिसकर्मियों और उत्पाद विभाग के कर्मचारियों पर सरकार ने काफी सख्ती बरती है. लिहाजा पुलिस के 186 लोगों को शराब के मामलों में बर्खास्त किया जा चुका है. उत्पाद विभाग के 8 लोगों को भी ऐसे आरोप में बर्खास्त किया गया है. सरकार ने ऐसे 60 थानेदारों को सजा दी है जिन्हें 10 सालों तक थानेदार नही बनाया जायेगा.

जहां शराब पकड़ाया वहां खुलेगा थाना
मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि पटना के बायपास थाना क्षेत्र में एक गोदाम में बड़े पैमाने पर शराब की बरामदगी हुई थी. सरकार ने तय किया है कि उसी गोदाम में अब थाना खोला जायेगा. यानि सरकार गोदाम को जब्त कर उसे अपने कब्जे में ले लेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.