बिहार-झारखंड का ‘किडनैपर किंग’ चंदन सोनार MP के सिंगरौली से गिरफ्तार, 10 साल से 5 राज्‍यों की पुलिस को थी तलाश

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बिहार-झारखंड में ‘किडनैपर किंग’ कहा जाने वाला चंदन सोनार मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली से गिरफ्तार हो गया है। चंदर सोनार के आतंक का कारोबार देश के चार राज्‍यों बिहार, झारखंड, छत्‍तीसगढ़, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला था।

वह रांची में होटल कावेरी के संचालक लव भाटिया, ज्वेलर परेश मुखर्जी, जमीन कारोबारी मदन सिंह के बेटे के अपहरण में था शामिल। रांची के ही अपराधियों के साथ मिलकर गुजरात के हीरा व्यवसायी सोहैल हिंगोरा का अपहरण भी उसी ने किया था। चंदन सोनार, सिंगरौली में 10 साल से होटल कारोबारी चंद्रमोहन के नाम से रहता था। उसे बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 

चंदन सोनार का आतंक किस तरह का है यह इससे समझा जा सकता है कि उसका नाम सुनते ही बिहारृ, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात और पश्चिमबंगाल के कई उद्योगपति और व्‍यापारी कांप जाते हैं। कई व्यापारियों का अपहरण कर वह करोड़ों की फिरौती वसूल चुका है। पिछले 10 सालों से वह मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली जिले में अपनी पहचान बदलकर होटल कारोबारी चंद्रमोहन के नाम से रह रहा था। स्‍थानीय पुलिस उसकी असली पहचान से नावाकिफ थी। होटल व्‍यवसायी के पीछे छिपे उसके खतरनाक रूप की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। चंदन सोनार ने सिंगरौली में कोई क्राइम भी नहीं किया।

उसकी पहचान का खुलासा पश्चिम बंगाल की पुलिस ने किया। पश्चिम बंगाल की पुलिस चंदन सोनार को बर्धमान के एक व्‍यापारी के अपहरण के मामले में तलाश रही थी। पश्चिम बंगाल पुलिस को यह खबर मिली कि चंदन सोना सिंगरौली जिले में छिपा है। इसके बाद पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सिंगरौली पुलिस की मदद से उसे उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। ‘किडनैपर किंग’ के तौर पर कुख्‍यात चंदन सोनार के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में अपहरण के 40 मामले दर्ज हैं। वह मूल रूप से बिहार के हाजीपुर जिले का रहने वाला है।

शहर के नामी होटल संचालक के इतने बड़े अपराधी निकलने से हैरान लोग
उधर, मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली में लोग हैरान हैं कि जीपी पैलेस का मालिक, शहर का एक नामी होटल संचालक इतना बड़ा अपराधी कैसे हो सकता है। लेकिन बुधवार को पश्चिम बंगाल की क्राइम ब्रांच ने स्‍थानीय पुलिस की मदद से कथित चंद्रमोहन को गिरफ्तार किया तो लोगों के होश उड़ गए। पुलिस ने खुलासा किया कि चंद्रमोहन का असली नाम चंदन कुमार है। उसका असली कारोबार किडनैपिंग का है जिसके चलते जुर्म की दुनिया में उसे ‘किडनैपर किंग’ कहा जाता है। चंद्रमोहन की असली पहचान जानने के बाद लोग बुरी तरह हैरान हैं। 

पश्चिम बंगाल से दो साल पहले किया था व्‍यापारी और नेता को किडनैप 
चंदन सोनार ने करीब दो साल पहले 2019 में पश्चिम बंगाल से एक नेता और बड़े व्‍यापारी को किडनैप किया था। उसी मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस को उसकी तलाश थी। लंबी छानबीन के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस को चंदन सोनार के मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली में होटल कारोबारी के रूप में रहने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मध्‍य प्रदेश पुलिस से सम्‍पर्क साधा। मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली जिले की पुलिस को चंद्रमोहन के होटल व्‍यवसाय के बारे में तो पता था लेकिन उसके चंदन सोनार होने और किडनैपिंग कारोबार के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसने पश्चिम बंगाल पुलिस की क्राइम ब्रांच की मदद की और चंदन सोनार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

ट्रांजिट रिमांड पर ले गई पश्चिम बंगाल की पुलिस 
चंदन सोनार मध्‍य प्रदेश के जिस सिंगरौली जिले में 10 साल से पहचान छिपाकर रह रहा था वहां उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। कोतवाली थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने सिंगरौली पुलिस से संपर्क किया था कि उनके यहां का एक शातिर अपराधी छिपा हुआ है। अपराधी चंदन सोनार के नाम से कुख्‍यात है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल को बर्धमान के शालनपुर थाने में 2019 में दर्ज हुए अपहरण के एक मामले में इसकी तलाश थी। उस केस में चंदन सोनार मुख्य आरोपी है। बर्धमान पुलिस की टीम ने बैढ़न थाना की पुलिस के साथ मिलकर गनियारी में दबिश दी। वहीं से चंदन सोनार को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद चंदन सोनार को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस लौट गई।  आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर चली गई है।

2011 में छूटा था जमानत पर 
चंदन सोनार 2011 में जमानत पर छूटा था। तबसे वह मध्‍य प्रदेश के सिंगरौली में आकर चंद्रमोहन के नाम से रहने लगा। होटल कारोबार के अलावा वह ठेकेदारी भी करता है। चंदन ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह रांची और बेऊर जेल में रह चुका है। सिंगरौली में रहने के दौरान उसने यहां कोई क्राइम नहीं किया लेकिन अन्‍य राज्‍यों में होने वाले अपहरण कांडों में उसका नाम चर्चा में आता रहा। चंदन सोनार का नाम रांची, सूरत और रायपुर से व्‍यापारियों के अपहरण में आया था। सूरत के हीरा व्यापारी के बेटे सोहैल हिंगोरा का अपहरण कर उसने सनसनी फैला दी थी। हीरा व्‍यापारी के परिवार से उसने करोड़ रुपये की वसूली की थी। 2020 में रायपुर से व्यापारी प्रवीण सोमानी का अपहरण हुआ था। तब भी चंदन सोनार गैंग का नाम ही चर्चा में आया था। झारखंड के गोमिया से व्यवसायी महावीर जैन का अपहरण भी इसी गिरोह ने किया था। चंदन सोनार गैंग पर रांची में होटल कावेरी के संचालक लव भाटिया, ज्वेलर परेश मुखर्जी और जमीन कारोबारी मदन सिंह के बेटे के अपहरण में भी शामिल होने का आरोप है। 

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