क्वाड समिट: कोरोना वैक्सीनेशन में बड़ी भूमिका निभाएंगे चारों देश, भारत में बनेगा अमेरिकी टीका

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क्वाड देश वैश्विक टीकाकरण और खास तौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में टीकाकरण में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही वैक्सीन निर्माण को लेकर भारत की भूमिका बड़ी होगी। भारत में अमेरिकी वैक्सीन बनाई जाएगी। शुक्रवार को हुई क्वाड के शीर्ष नेताओं की बैठक में कोविड वैक्सीन को लेकर साझा अभियान पर सहमति व्यक्त की गई। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि भारत में कोरोना वैक्सीन का निर्माण होगा। वैक्सीन निर्माण के लिए अमेरिका और जापान फंड देंगे। ऑस्ट्रेलिया लॉजिस्टिक से जुड़े मुद्दे और वितरण की जिम्मेदारी निभाएगा। 

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में इसी साल नेताओं की व्यक्तिगत मुलाकात वाली क्वाड बैठक का भी फैसला किया गया। अभी कोविड की वजह से वर्चुअल बैठक करनी पड़ी है। क्वाड सम्मेलन के दौरान कोविड-19 से लड़ने के लिए क्वाड देशों ने सामूहिक संकल्प लिया। इसके तहत भारत में अमेरिकी वैक्सीन बनाने का फैसला लिया गया है। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन का उत्पादन भारत में किया जाता है। अमेरिकी जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की खासियत यह है कि इसका सिर्फ एक खुराक ही इस्तेमाल किया जाता है। लिहाजा इसके उत्पादन से लेकर वितरण में कम खर्च आता है।

भारत की सराहना हुई
भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन के बाद इसकी कीमत भी कम हो सकती है। अभी अमेरिकी वैक्सीन के उपयोग की भारत में इजाजत नही है, लेकिन जब निर्माण होगा तो परीक्षण संबंधी इजाजत दी जाएगी और आकस्मिक उपयोग से जुड़ी इजाजत भी प्रक्रिया के मुताबिक दी जा सकती है। कोविड टीकाकरण को लेकर क्वाड देशों के शीर्ष नेतृत्व का संकल्प दुनिया में टीकाकरण के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। बैठक में भारत द्वारा लगभग 70 देशों को टीका देने की सराहना की गई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में मुक्त, स्वतंत्र, समेकित और सुरक्षित हिंद प्रशांत क्षेत्र की रणनीति पर चर्चा हुई। चीन को चुभने वाले मुद्दे भी बैठक में उठे। एलएसी की स्थिति का भी जायजा लिया गया। म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली को लेकर भी चर्चा की गई।

वसुधैव कुटुंबकम के विचार का विस्तार: मोदी
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संक्षिप्त, लेकिन अहम संबोधन में कहा कि हम लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सभी के लिए मुक्त, खुला और समान अवसर वाला बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर एक हैं। आज का हमारा एजेंडा वैक्सीन निर्माण, जलवायु परिवर्तन और नई तकनीकी है, जो क्वाड को दुनिया के लिए एक सकारात्मक शक्ति बनाता है। मोदी ने आगे कहा, मैं इसे भारत के वसुधैव कुटुंबकम के विचार का ही विस्तार मानता हूं, जिसका सार है कि पूरी दुनिया ही एक परिवार है। हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और संपन्न बनाने के लिए पहले से भी ज्यादा करीबी तौर पर काम करेंगे। आज की यह बैठक बताती है कि क्वाड का समय आ गया है। यह पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होगा।

महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा : बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए क्वाड महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम अपनी प्रतिबद्धताओं को जानते हैं। हमारा क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कानून से संचालित है, हम सभी सार्वभौमिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी दबाव से मुक्त हैं, लेकिन मैं हमारी संभावना के बारे में आशावादी हूं। बाइडन ने कहा कि क्वाड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र होने जा रहा है और मैं आने वाले वर्षों में आप सभी के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।

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