बक्‍सर: किला मैदान में होगा 16 अप्रैल से 21 अप्रैल तक होगा ‘बक्‍सर के राम – राम महोत्‍सव 2021’ का आयोजन

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कोरोना की वजह से करीब एक साल से आर्थिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से परेशान आम आदमी के अंदर उत्साह और उंमग का संचार करने के लिए बक्‍सर के किला मैदान में ‘बक्‍सर के राम – राम महोत्‍सव 2021’ का आयोजन 16 अप्रैल 2021 से 21 अप्रैल 2021 तक किया जायेगा, जिसमें राष्‍ट्रीय – अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर के लोगों शामिल होंगे। इसकी जानकारी आज पटना में प्रेस वार्ता कर ‘बक्सर के भगवान राम’ के संयोजक एवं संस्थापक उमेश पांडेय ने दी।

उन्‍होंने बताया कि इस महोत्सव के माध्यम से देश ही नहीं बलिक दुनिया को बक्सर (बिहार) की वैदिक कालीन ऐतिहासिकता और गौरवशाली संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। पांडेय ने कहा कि बक्सर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है और यह विश्वामित्र की तपोभूमि है। महर्षि विश्वामित्र ने बक्सर की भूमि पर राम को इसी भूमि पर अस्त्र शस्त्र की दीक्षा दी थी। उनकी ‘राम’ को राम बनाने में महती भूमिका थी। उन्होंने कहा कि राम ने अपने स्पर्श से अहिल्या को पत्थर से सजीव किया था। उन्‍होंने कहा कि इस कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी शामिल होंगे। इसके लिए उन्‍होंने सहमति दे दी है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए नसीर इमाम ने बक्सर के राम कार्यक्रम के लिए 11 लाख रुपये की सहायता राशि दी है।

वहीं, संवाददाता सम्‍मेलन को ट्रस्ट के संरक्षक उमेश शर्मा ने भी संबोधित किया और कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से वह बक्सर के इतिहास से दुनिया को बताना चाहते हैं। राम महोत्सव का उद्देश्य बक्सर के राम (बक्सर में राम जितने समय तक रहे) के बारे में आम आदमी को बताना है। जिससे कि उसे पता चले कि राम ने क्या कुछ बक्सर में किया। उन्होंने कहा कि बक्सर की भूमि सुर और असुरों की संग्राम की भूमि रही है। जिसमे सर्व विदित है कि जीत देवताओ की हुई थी। यही पर तड़का वध भी यही हुआ था।

इसके अलावा जे एन राय ने बताया कि बहुत कम लोगों को पता होगा कि बक्सर की भूमि पर ही गायत्री मंत्र की रचना हुई थी। श्रीराम ने दो शिवलिंग की स्थापना की है, जिसमें एक बक्सर में और दूसरा रामेश्वर में। यह बात तो बहुत कम लोगों को पता होगा। दिनेश पांडेय ने कहा कि इस आयोजन के बाद बक्सर की भूमि के प्रति लोगों की आस्था और बढ़ जाएगी। कोरोना की वजह से जो लोग परेशान हैं उनके अंदर राम महोत्सव ऊर्जा का संचार करने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में रामानन्द सागर के ‘रामायण’ धारावाहिक में राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल, गूगल वॉय कौटिल्य पंडित, बाल कथा वाचक शशि शेखर , आधुनिक रामलीला की जानी मानी कथक नृत्यांगना रेखा मेहरा समेत कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी।

सुश्री कुमकुम भारद्वाज ने बताया कि जिस तरह से गांधी ने रामराज के माध्यम से ग्राम स्वराज की बात की थी उसी को ध्यान में रखते हुए बिहार के सभी पंचायतों को एक साथ जोड़ने के लिये एक मंच प्रदान किया जाएगा जहां से रामराज की बात ग्राम स्वराज के माध्यम से होगी।

संवाददाता सम्‍मेलन के दौरान बक्सर के राम का सोविनियर जारी किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘बक्सर के राम ट्रस्ट’ की ओर से किया जा रहा है। इस मौके पर ट्रस्ट के संरक्षक उमेश शर्मा (अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय), दिनेश पांडेय (अध्यक्ष, आयोजन समिति/अधिवक्ता, उच्च न्यायालय), जे एन राय (अध्यक्ष, विषय समिति), सुनील त्यागी (प्रारूप प्रवंधन/आर्किटेक्ट), कुमकुम भारद्वाज (संयोजक, पंचायत समिति/आर्किटेक्ट) आदि मौजूद थे।

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