बिहार: दो दिन की आंधी-बारिश से आठ डिग्री लुढ़का पारा, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम

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दो दिनों तक बिहार में आंधी-बारिश के बाद रविवार से मौसम में बदलाव के आसार हैं। शनिवार दोपहर बाद से पछुआ हवा का प्रभाव दिखने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, एक ट्रफ लाइन पश्चिम बंगाल के गंगेटिक मैदान से ओडिशा, छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक जा रही है। साथ ही बंगाल की खाड़ी की ओर बना प्रतिचक्रवात अब कमजोर पड़ने लगा है।

इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से यह अनुमान किया जा रहा है कि अगले 24 घंटे में पूर्वी बिहार को छोड़कर राज्य के शेष भाग में मौसम साफ रहेगा। न्यूनतम तापमान नीचे आएगा जबकि अधिकतम तापमान बढ़ेगा। सूबे के विभिन्न हिस्सों में आयी आंधी पानी से 24 घंटे में 8 डिग्री अधिकतम पारा नीचे आया है।

मौसम विज्ञानी एसके पटेल ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को पटना समेत सूबे के कई जिलों में बादल छाए रहे। पश्चिमी चंपारण, औरंगाबाद, गया, नवादा, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज व इसके आसपास 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चली। इनमें एक-दो जगहों पर आंशिक बारिश भी हुई। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश गौनाहा में 29 मिमी, रामनगर में 28 मिमी, ढेंगराब्रिज और चनपटिया में 15 मिमी और बगहा में 13 मिमी दर्ज की गई। पटना व इसके आसपास के जिलों में भी हवा की तेज रफ्तार रही लेकिन आंशिक बूंदाबादी के बीच मौसम सुहाना रहा।

लगातार पुरवइया के प्रभाव और बादलों के छाने की वजह से सूबे के शहरों का अधिकतम तापमान आठ डिग्री तक नीचे आ गया है। पटना में दिनभर बादल छाए रहे और लोगों ने गर्मी से राहत पाई। कई दिनों बाद सुहाने मौसम की वजह से पार्कों व अन्य जगहों पर भीड़ रही। शाम में लोग गर्म कपड़ों में फिर से दिखे। शुक्रवार को पटना का पारा 34.4 डिग्री सेल्सियस था जबकि शनिवार को यह 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। आठ डिग्री तक के पारे में अंतर से शाम में ठंड की स्थिति रही। गया का अधिकतम तापमान भी 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। भागलपुर 25.1 जबकि पूर्णिया 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसमविदों का पूर्वानुमान है कि रविवार से पूर्वी बिहार को छोड़कर शेष भाग में मौसम साफ रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक नीचे और अधिकतम तापमान तीन डिग्री ऊपर चढ़ सकता है।

आम की फसल को नुकसान
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज आंधी की वजह से सूबे में पिछले दो दिनों में आम की मंजरी को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हालांकि ज्यादा बारिश की स्थिति न बनने से चिंता जैसी कोई बात नहीं है।

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