मोदी सरकार की मदद से शुरू करें ये कारोबार, पहले महीने से होगी मोटी कमाई, जानें क्या करना होगा?

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कोरोना महामारी दौरान अगर धंधे की बात की जाए तो अधिकतर धंधा मंदा ही रहा है. लेकिन, एक बिजनेस ऐसा है, जहां कमाई भरपूर हुई है. वो है- दवाओं का बिजनेस (Medicine Business). यही वजह है कि सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना सफल रही. देशभर के ज्यादातर इलाकों में लोगों ने इसे बिजनेस मॉडल के तौर देखा और जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन किया. आप भी अगर अपना कारोबार की तलाश में हैं तो सरकार की इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. इसमें हर महीने अच्छी कमाई भी है. बता दें कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) भारत सरकार के फार्मास्युटिकल्स विभाग द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है. इस अभियान का मकसद प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नाम से जाने जाने वाले विशेष केंद्रों के जरिए आम जनता को सस्ती कीमत पर क्वालिटी दवाइयां उपलब्ध कराना है. जेनेरिक दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र की स्थापना की गई है, जिन पर कम कीमत में बेहतर दवाएं मिलती हैं

लगातार बढ़ रहा है कारोबार

इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों (पीएमबीजेके) से दवाओं की बिक्री भी 60 फीसद बढ़ी है. इस बात की जानकारी हाल ही में उर्वरक और रसायन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने दी थी. इस योजना के तहत 29 जनवरी 2021 तक 519.34 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया, जबकि पूरे साल में ही 500 करोड़ की दवाएं बेचने का लक्ष्य रखा गया था. यहां तक कि लॉकडाउन में भी यह योजना बेहद कारगर साबित हुई.

मिलता है कारोबार का मौका
ये जनऔषधि केंद्र आम जनता को सस्ती और अच्छी दवाई मुहैया करने के साथ-साथ अपना बिजनेस शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए एक अच्छा मौका है. अगर आप अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो जनऔषधि केंद्र एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि इसमें आपको सरकार से आर्थिक मदद भी मिलेगी. यहां तक कि दुकान खोलने में आने वाला बड़ा खर्च भी सरकार इंसेंटिव के जरिए वापस कर दे रही है. इसके नियम और शर्त भी आसान हैं.

कौन खोल सकता है जनऔषधि केंद्र
सरकार की इस योजना के तहत जनऔषधि केंद्र खोलेने के लिए सबसे पहली शर्त ये है कि अगर कोई व्यक्ति जनऔषधि केंद्र खोलना चाहता है तो उसके पास डी फार्मा या बी फार्मा की डिग्री होनी चाहिए. अगर वो जनऔषधि केंद्र को खोलकर किसी को रोजगार देना चाहता है तो भी उसके पास ये डिग्री होनी जरूरी है. यानी आवदेन करते समय डिग्री को प्रूफ के तौर पर सबमिट करना अनिवार्य है.

  • कोई भी व्यक्ति या कारोबारी, अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर PMJAY के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकता है.
  • PMJAY के तहत SC, ST एवं दिव्यांग आवेदकों को औषधि केंद्र खोलने के लिए 50,000 रुपये तक की दवा एडवांस रकम दी जाती है.
  • प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जाती है.
  • गाइडलाइंस के मुताबिक, जनऔघधि केंद्र खोलने पर दवा की बिक्री पर 20 फीसदी मार्जिन दुकान चलाने वालों को दिया जाएगा. इसके अलावा नॉर्मल और स्पेशल इंसेंटिव का भी प्रावधान है.

यहां से मिलेगा फार्म
जन औषधि केन्द्र के लिए रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस जन औषधि केंद्र के नाम से लेना होता है. इसके लिए फार्म https://janaushadhi.gov.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं. फार्म डाउनलोड करने के बाद आपको आवेदन ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर (एएंडएफ) के नाम से भेजना होगा.
सीईओ,
ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स ऑफ इंडिया (BPPI),
8वां तल, ब्लॉक ई-1, विडियोकॉन टावर, झंडेवालान एक्सटेंशन।
नई दिल्ली-110055.

कितनी जगह चाहिए
अगर आप भी जनऔषधि केंद्र के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास दुकान के लिए कम से कम 120 वर्गफुट कवर्ड एरिया होना चाहिए. यदि सरकार आपके आवेदन पर जनऔषधि केंद्र खोलने की मंजूरी देती है तो सरकार की ओर से आपको 650 से ज्यादा दवाओं के साथ ही 100 से ज्यादा उपकरण बिक्री करने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे.

सरकार देती है सहायता राशि
आप अगर इस योजना के तहत मेडिकल स्टोर खोलना चाहते हैं तो आपको किसी तरह का निवेश करने की जरूरत नहीं है. जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए करीब 2.5 लाख रुपए का खर्च आता है. इसके लिए सरकार की तरफ से 2.5 लाख रुपए की सरकारी सहायता दी जाती है.योजना के तहत मेडिकल स्टोर खोलने के लिए पहले आपको 1 लाख रुपए की दवाइयां खरीदनी होंगी. बाद में सरकार की तरफ से इसे महीने के आधार पर रीइंबर्समेंट किया जाएगा. सरकार दुकान शुरू करने में लगने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर यानी रैक, डेस्क आदि के लिए आपको एक लाख तक की मदद करेगी. फर्नीचर में खर्च हुई रकम को सरकार की तरफ से आपको छह महीने में वापस कर दिया जाएगा. जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए कंप्यूटर आदि पर खर्च होने वाले 50 हजार रुपए भी आपको सरकार की तरफ से दिए जाएंगे.

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