रोहतास: ‘बेटी महोत्सव’ में हुआ बार बालाओं का अश्लील डांस, BJP और JDU के विधायक भी कार्यक्रम में थे शामिल

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बेटियां समाज में हर बदलाव लाने में सक्षम हैं. बेटों की तरह बेटियां भी हर काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. बेटियों के सम्मान में बिहार के रोहतास जिले में ‘बेटी महोत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. लेकिन कार्यक्रम में जो कुछ हुआ, वह बेटियों की मान-मर्यादा के खिलाफ है. क्योंकि अश्लील गानों पर नेताओं के सामने रातभर लड़कियों को नचाया गया, जिनके सम्मान में इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में सत्ताधारी जेडीयू और बीजेपी समेत कई बड़ी पार्टियों के नेता भी शामिल हुए.

मामला बिहार के रोहतास जिले का है, जहां बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के धावा गांव में ‘बेटी महोत्सव’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में बीजेपी विधायक, जेडीयू विधायक, एलजेपी नेता और जाप पार्टी के भी नेता शामिल हुए. कार्य्रकम में अश्लील गानों पर रातभर लड़कियों को नचाया गया, जो काफी हैरानी की बात है. इस कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बार बालाओं के साथ अश्लील गानों पर थिरकते हुए नेता भी नजर आ रहे हैं.

कार्यक्रम के उद्घाटन के समय एक तरफ राजनेता बेटियों को मान-सम्मान देने की बात कर रहे हैं तो ठीक अगले ही पल लड़कियों को अश्लील गानों को नचाते हुए दिख रहे हैं. जाप नेता और भोजपुरी सिंगर राकेश मिश्रा और पूर्व मंत्री और बीजेपी के विधायक विनय बिहारी भी खुद वैसे गानों को गाये, जिसे हम और आप ‘अश्लील गाना’ या द्विअर्थी गाना कहते हैं. जिसे आम तौर पर आप या हम अपनी घर की बहन-बेटियों या महिलाओं के सामने नहीं सुन सकते.

हैरानी की बात तो ये है कि इस कार्यक्रम में  इस कार्यक्रम में लौरिया के भाजपा विधायक और पूर्व कला संस्कृति मंत्री विनय बिहारी के अलावा भाजपा छोड़कर लोजपा में आए वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह, केसरिया की जेडीयू विधायक शालिनी मिश्रा सहित कई स्थानीय नेता भी शामिल हुए. वीडियो में खुद पूर्व मंत्री विनय बिहारी ने भी ठुमके लगाते हुए नजर आये.

इस कार्यक्रम में बेटियों की रक्षा और कल्याण को लेकर लंबी लंबी बातें की गईं. लेकिन बताया जाता है कि उद्घाटन और भाषण जैसे ही खत्म हुआ और प्रमुख नेता मंच से जब खिसक गए, उसके बाद उसी मंच पर बेटी महोत्सव के बैनर तले रात भर बार बालाओं का डांस हुआ. अश्लील गानों पर लड़कियों को नचाया गया. यह कहीं ना कहीं हमारी मानसिकता को दर्शाता है कि बेटियों के प्रति हमारा समाज कितना संवेदनहीन है.

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