पटना: स्कूलों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, कहा-फ़िलहाल स्कूल-कॉलेज बंद करने का नहीं है इरादा लेकिन सतर्कता ज़रूरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री समेत कई राज्यों के सीएम के साथ कोरोना को लेकर बैठक की. मोदी के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाहर से बिहार आने वाले कई लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. राज्य में स्कूल और कॉलेजों को लेकर लोगों में संशय बरकरार है. बच्चों के साथ उनके पेरेंट्स भी पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित हैं. बिहार में स्कूल और कॉलेज को खोलने को लेकर सीएम नीतीश ने एक बड़ा बयान दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद सीएम नीतीश ने कहा कि विभिन्न राज्यों में पहले की तुलना में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार तेजी से बढ़ी है. बिहार सरकार कोरोना को लेकर सतर्क हैं. होली के अवसर पर लोग विशेष तौर पर अपने घर जाते हैं. इसलिए ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. स्कूल और कॉलेज को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि सरकार कोरोना को लेकर सतर्क हैं. अभी स्कूल और कॉलेज चलेंगे. यानी कि सीएम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल विद्यालयों और महाविद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी.

प्राइवेट स्कूलों में नये सत्र 2021-22 की पढ़ाई अगले महीने से शुरू होने वाली है. इसके लिए स्कूलों ने तैयारी शुरू कर दी है. क्लास एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं पहले की तरह चलेंगी. जिन स्कूलों ने कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की कक्षा नहीं शुरू की है, वे भी अप्रैल के पहले सप्ताह से इनकी पढ़ाई शुरू कराने जा रहे हैं. वर्तमान सत्र खत्म हो रहा है. जिन स्कूलों में प्री-प्राइमरी की कक्षाएं नहीं शुरू हुई हैं, वे भी नये सत्र से बच्चों को स्कूल में बुला रहे हैं. 

सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्री-प्राइमरी के बच्चों की क्लास शुरू की जायेगी. एक साल बाद पूरी तरह से स्कूल खोलने की तैयारी शुरू कर दी है. प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने बताया कि नये सत्र में सभी कक्षाओं का संचालन शुरू होगा. दिशा-निर्देशों का पालन होगा.

आपको बता दें कि पटना जंक्शन पर ट्रेन से आने वाले यात्रियों की मैनुअल थर्मल स्क्रीनिंग शुरू हो गयी है. पटना जंक्शन के साथ-साथ करबिगहिया छोर पर भी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है. दूसरे राज्यों में कोरोना संक्रमण को लेकर वहां से आने वाले यात्रियों की जांच को लेकर स्टेशन पर यह व्यवस्था की गयी है. मैनुअल थर्मल स्क्रीनिंग जांच शुरु होने से कोरोना संक्रमित यात्रियों के बारे में पता चल पायेगा. हालांकि, सैंपल देने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम है. पटना जंक्शन के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जांच को लेकर स्टॉल लगा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री अब शनिवार 21 मार्च को यानी कि परसो बिहार के सभी जिलों के डीएम के साथ कोरोना की मौजूदा स्थिति और तैयारियों को लेकर ऑनलाइन समीक्षा बैठक करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री सभी जिलों से कोरोना संक्रमण पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे. तब जरूरत के मुताबिक, कोई नया निर्देश जारी किया जा सकता है.

नीतीश कुमार ने कहा की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कोरोना की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई है. जिन राज्यों में पहले की तुलना में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है वहां के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में अपनी बातें रखीं. हमलोग सचेत हैं. बिहार में वैसी स्थिति अभी नहीं है. प्रतिदिन इसको लेकर हमलोग सजग हैं. बाहर से जो लोग आते हैं, उन पर नजर रखनी जरूरी है। बाहर से आने वाले कई लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। जल्द ही वह इस पर बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना जांच की संख्या को फिर से बढ़ाना है. तय किया गया है कि जांच को प्रतिदिन 70 हजार करना है. अधिक से अधिक जांच आरटीपीसीआर हो, इसको लेकर सारे इंतजाम किये जा रहे हैं. बिहार में कोरोना टीकाकरण का काम किया जा रहा है. सभी लोगों को इसके लिए प्रेरित भी किया जा रहा है. हर हाल में सभी को कोरोना के प्रति सचेत रहना है.

सीएम नीतीश ने कहा कि वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन कोरोना के 20 से 48 तक पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं. प्रतिदिन कोरोना से संबंधित रिपोर्ट उनके पास आती है और वह संबंधित अधिकारियों के साथ इस पर विचार-विमर्श करते हैं. बिहार के लोग देश के सभी राज्यों में रहते हैं और वे अपने घर भी आते रहते हैं। लोगों की कोरोना जांच करना और इसके साथ ही उन्हें सजग और सचेत करना जरूरी है. राज्य सरकार की तरफ से इसको लेकर जो भी कार्य किये जा रहे हैं, वह लोगों के हित में है.

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