पटना: पर्यावरणीय समस्‍याएँ ,परम्‍परा एवं आधुनिक परिप्रेक्ष्‍य ” पर टीपीस कॉलेज में सेमिनार आयोजित

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आज ठाकुर प्रसाद सिंह महाविद्यालय में 22-24 मार्च 2021 तक चलने वाली भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नयी दिल्‍ली संपोषित सेमिनार का दूसरा दिन चार-चार सत्रों में सम्‍पन्‍न हुआ । ” पर्यावरणीय समस्‍याएँ : परम्‍परा एवं आधुनिक परिप्रेक्ष्‍य ” शीर्षक सेमिनार से सम्‍बन्धित मुख्‍य चिन्‍तन धारा को लेकर सभी सत्रों का समय से तथा समुचित तरीके से सम्‍पन्‍न कराने हेतु आयोजक डॉ. श्‍यामल किशोर तथा प्राचार्य डॉ. उपेन्‍द्र प्रसाद सिंह ने सराहनीय प्रबन्‍ध किया । सत्रों के अध्‍यक्ष डॉ. बी. एन. ओझा, डॉ. महेश सिंह, समन्‍वयक डॉ. नागेन्‍द्र मिश्र, डॉ. पूर्णेन्‍दु, डॉ. महेश्‍वर मिश्र आदि लोग रहे । शोध प्रस्‍तोताओं में प्रो. पूणेन्‍दु, डॉ. नागेन्‍द्र मिश्र, डॉ. ईश्‍वर चन्‍द्र, डॉ. रामनाथ प्रसाद, डॉ. शैलेन्‍द्र कुमार सिंह, डॉ. मुकेश कुमार चौरसिया, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. प्रभास कुमार, शोधार्थियों में श्रीमती मधु कुमारी, दुर्गेश कुमार तिवारी, आराधना सिंह, डॉली कुमारी आदि करीब चालीस लोग प्रमुख रहे ।

इस अवसर पर डॉ. बी. एन. ओझा ने पर्यावरणीय समस्‍या के निराकरण पर यथेष्‍ट बल दिया । डॉ. नागेन्‍द्र मिश्र ने गीता के लोकसंग्रह, जैन-पंच महाब्रत तथा बुद्ध के चार आर्य सत्‍यों के माध्‍यम से संयम पर बल देकर पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की सीख प्रस्‍तुत किया । डॉ. एन. पी. तिवारी ने वेदान्‍त दर्शन के आधार पर पर्यावरणीय समस्‍याओं का सरलीकरण कर सुधार का उपाय प्रस्‍तुत किया । डॉ. प्रभास एवं डॉ. शैलेन्‍द्र ने वैज्ञानिक तौर तरीकों को दर्शन के विविध आयामों द्वारा पर्यावरण के शुद्दीकरण पर प्रकाश डाला ।

डॉ. महेश सिंह वरिष्‍ठ दार्शनिक ने गीता के आदर्शों पर बल देकर ज्ञान एवं कर्म का तुलनात्‍मक दृष्टि से ज्ञान योग से कर्मों के सम्‍पादन पर बल दिया तथा बताया कि ऐसे कर्मो से अतिशय भोग संयमित होगा तथा यह बताया कि हम पर्यावरण प्रदूषण की ओर तेजी से उन्‍मुख होने से बचेगें ।

पर्यावरण समस्‍यों के समाधान के लिए आज 23-03-2021 को लगभग 40 अच्‍छे शोधालेख प्रस्‍तुत किये गए तथा प्रत्‍येक आलेख पर गंभीर वाद-विवाद के साथ उचित कारणों को चिन्हित करने का प्रयास बिहार के श्रेष्‍ठ दार्शनिक प्रो. आई. एन. सिन्‍हा जी ने किया । भागलपुर से आए विश्‍वविद्यालय के दर्शनशास्‍त्र विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. आर. आर. तिवारी ने दार्शनिक व वैज्ञानिक दृष्टि से पर्यावरणीय समस्‍या तथा उसके निराकरण पर अपना शोधालेख प्रस्‍तुत किया । बी. एन. कॉलेज के प्रो. राजेश कुमार तथा बी. के. एस. यू. के अध्‍यक्ष डॉ. किस्‍मत कुमार ने भी वाद-विवाद सत्र में मुख्‍यता से भाग लिया । आयोजक डॉ. श्‍यामल किशोर ने शैक्षणिक कार्यों पर संतोष प्रकट करते हुए मानसिक एवं भौतिक – दोनों प्रकार के प्रदूषण की शुद्धिकरण पर अपना वक्‍तव्‍य दिया । कार्यक्रम की शुरूआत 10:00 AM से समपन्‍न होकर पूरे चार-चार सत्रों (समानान्‍तर) में शाम 05:30 PM तक लगातार चलता रहा । अंत में कार्यक्रम की समाप्ति पर सारगर्मित धन्‍यवाद ज्ञापन डॉ. श्‍यामल किशोर ने किया ।

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