राजद MLA भाई वीरेंद्र खुद बन गए स्पीकर: रिपोर्टर टेबल पर चढ़े, कुर्सी पर बैठ अध्यक्ष बन बैठे

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पुलिस अधिनियम बिल 2021 को लेकर मंगलवार को विधानसभा में जमकर बवाल हुआ। राजद के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने विधानसभा के अंदर अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस अधिनियम बिल के विरोध में उन्होंने सदन के नियमों को ताक पर रख दिया। नियमों का उल्लंघन करते हुए खुद को विधानसभा का अध्यक्ष घोषित किया और पुलिस अधिनियम बिल 2021 को वापस भी ले लिया।

रिपोर्टर टेबल पर लगाई कुर्सी
दरअसल, विधानसभा में पुलिस अधिनियम बिल 2021 पर हंगामे के बाद कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई थी । विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा समेत सत्ता पक्ष के विधायक सदन से बाहर निकल गए। इस दौरान मनेर से RJD विधायक भाई वीरेंद्र पार्टी के अन्य विधायकों के साथ रिपोर्टर टेबल के पास पहुंच गए। फिर उचककर टेबल पर चढ़ गए। उसके बाद एक कुर्सी उठाई और टेबल पर रख दिया, फिर कुर्सी पर बैठ गए। इस दौरान सदन के मार्शल उन्हें रोकते रहे, लेकिन भाई वीरेंद्र रुकने को तैयार नहीं हुए। कुर्सी पर बैठकर खुद को अध्यक्ष घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस अधिनियम बिल 2021 पर मत जारी करवाया। उन्होंने अध्यक्ष की तरह कहा कि जो बिल के विरोध में हैं, वे ना कहें और जो पक्ष में हैं वे हां कहें।

जबरन अध्यक्ष बन गए भाई वीरेंद्र
विधानसभा में भाई वीरेंद्र की इस करतूत के दौरान सत्ता पक्ष का कोई भी विधायक नहीं था। सिर्फ विपक्ष के विधायक थे। सभी ने पुलिस अधिनियम बिल के विरोध में अपना मत दिया। इसके बाद खुद को विधानसभा अध्यक्ष घोषित करने वाले भाई वीरेंद्र ने कहा कि सदन का मत इस बिल के विपक्ष में है, इसलिए पुलिस अधिनियम बिल 2021 वापस लिया जाता है। इसके बाद वहां मौजूद विपक्ष के विधायकों ने मेज थपथपा कर इस घोषणा का स्वागत किया। हालांकि, भाई वीरेंद्र की पूरी गतिविधियां विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हुईं, क्योंकि सदन की कार्यवाही चल नहीं रही थी। यह सारा कुछ सदन की कार्यवाही में रिकॉर्ड नहीं हुआ।

क्या है रिपोर्टिंग टेबल
दरअसल, कार्यवाही के दौरान रिपोर्टिंग टेबल से ही कार्यवाही की पूरी सूची बनती है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश का पालन करते हुए अफसर कार्यवाही के दौरान की सारी बातों को रिकॉर्ड में रखते हैं। चूंकि सदन की कार्यवाही उस समय स्थगित थी इसलिए रिपोर्टिंग टेबल के चारों ओर बैठने वाले सरकारी अधिकारी सदन में नहीं थे। इसी का भाई वीरेंद्र ने फायदा उठाया और बिल को लेकर वोटिंग करा दी। विधानसभा में भाई वीरेंद्र की इस हरकत की सदन में मौजूद पत्रकारों ने भी निंदा की। वहीं सत्ता पक्ष के विधायकों ने इसे अनुशासनहीनता बताया। विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने भी नाराजगी जताई।

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