विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा : स्पीकर ने बुलायी पुलिस, स्पीकर को बंधक बनाने की कोशिश, डीएम व एसएसपी के साथ की धक्का-मुक्की

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बिहार विधानसभा में आज हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है. विधानसभा के इतिहास में बहुत कम ऐसे मौके आए हो जब अध्यक्ष को बाहर से पुलिस से बुलानी पड़ी हो. आज विपक्षी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को उनके ही चेंबर में बंधक बना लिया. तो विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने पुलिस बुलाई है.विधानसभा इस वक्त पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. बड़ी तादाद में पुलिस बल विधानसभा भवन पहुंचे हैं. रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी विधानसभा लाए गए हैं. इस वक्त विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर धरने पर बैठे विपक्षी विधायकों को वहां से हटाए जाने की कोशिश हो रही है.

विधानसभा में पुलिस विधेयक के विरोध में विपक्ष ने आज जोरदार हंगामा किया है. इसके बाद विपक्षी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शल आउट करा दिया था. विपक्ष के विधायक के स्पीकर चेंबर के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं. 4:30 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होनी थी लेकिन बंधक बने स्पीकर विजय कुमार सिन्हा सदन में नहीं पहुंच पाए. आखिरकार उन्हें पुलिस बुलानी पड़ी है. सदन की सुरक्षा में मार्शल तैनात रहते हैं लेकिन मार्शल की संख्या कम होने की वजह से अतिरिक्त पुलिस बल मंगानी पड़ी.

पटना डीएम और एसएसपी समेत भारी पुलिस फोर्स सदन के अंदर पहुंची. विपक्षी सदस्यों डीएम और एसएसपी समेत पुलिसकर्मियों के साथ जमकर धक्का-मुक्की की.

विपक्ष के कई विधायकों ने डीएम और एसएसपी के साथ बदसलूकी भी की. विधानसभा चेंबर के बाहर मौजूद विपक्षी विधायकों को हटाने के लिए मार्शल को भी बुलाया गया. वहां पहुंचे दर्जनों मार्शलों ने विपक्षी दलों के सदस्यों को वहां से हटाने की कोशिश में जुटे रहे. खबर लिखे जाने तक मौके पर भारी पुलिस फोर्स बुला ली गई है. इस बीच सदन में मंत्री अशोक चौधरी और राजद विधायक चंद्रशेखर के बीच हाथापाई हो गई. अशोक चौधरी ने राजद विधायक को धक्का दे दिया. वहीं विधायक चंद्रशेखर ने भी मंत्री अशोच चौधरी की ओर माइक्रोफोन फेंका.

इससे पहले विपक्ष ने बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक के विरोध में न केवल जमकर हंगामा किया बल्कि उसकी प्रति भी फाड़ दी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. विधानसभा में मंगलवार दोपहर बारह बजे सभा की कार्यवाही पुन: शुरू होते ही विपक्षी दल के सदस्य अपनी सीट से खड़े होकर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक के विरोध में नारेबाजी करने लगे. सभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने का आग्रह किया. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समीर कुमार महासेठ समेत अन्य सदस्यों के कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमानुकूल न पाते हुए अस्वीकृत कर दिया.

इसके बाद विपक्षी दल के सदस्य इस विधेयक के विरोध में नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए। इस बीच सभाध्यक्ष ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू की लेकिन विपक्षी सदस्य ‘विधेयक वापस लो, वापस लो’ के नारे लगाते रहे। इस दौरान भगीरथी देवी, पवन कुमार जायसवाल, ललन कुमार और पवन कुमार यादव ने अपनी-अपनी सूचनाएं पढ़ी.

शोरगुल कर रहे सदस्यों से शांत रहने का आग्रह करते हुए सभाध्यक्ष ने कहा कि आप सदन को अव्यवस्थित न करें. जिस विषय पर आप बोल रहे हैं वह सूचीबद्ध है और उस पर आपको बोलने का अवसर मिलेगा. उचित समय पर इस विषय पर होने वाले वाद-विवाद के दौरान सरकार और प्रतिपक्ष के सदस्य अपना वक्तव्य रख पाएंगे. इसके बावजूद विपक्षी सदस्य नहीं माने तो सभाध्यक्ष ने कहा कि ध्यानाकर्षण से संबंधित सूचनाएं ध्यानाकर्षण समिति को और शून्यकाल से संबंधित सूचनाएं शून्यकाल समिति को भेज दी जाएगी.

इस बीच वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट, विनियोग विधेयक, 2018-19, वित्त वर्ष 2020-21 का ग्रीन बजट एवं वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 का जेंडर बजट पेश कर रहे थे, तभी विपक्षी सदस्यों ने उनसे बजट की प्रति छीनने की कोशिश की. हालांकि तारकिशोर प्रसाद कैग रिपोर्ट के साथ ही अन्य विधेयक सदन में पेश करने में कामयाब रहे.

शाम 5 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही शुरू नहीं हो पाई और यहां हाई वोल्टेज ड्रामा जारी है.

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