पांच अप्रैल को बृहस्पति बदलेंगे अपनी राशि, आप पर होगा यह असर

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बीते 13 महीनों से मकर राशि में शनि के साथ चल रहे बृहस्पति पांच अप्रैल  2021 दिन सोमवार को रात्रि 24:22 बजे अपनी राशि बदलकर कुंभ में आ जाएंगे। यद्यपि कुंभ राशि भी शनि की राशि है जो बृहस्पति की शत्रु राशि है। इसलिए देश और दुनिया के लिए अभी माहौल नहीं बदलेगा। अभी 13 महीने और यथावत चलता रहेगा। बृहस्पति 20 जून को वक्री होकर 14 सितंबर को पुनः मकर राशि में वापस आएंगे और 20 नवंबर तक मकर में ही रहेंगे, किंतु 20 नवंबर से और 13 अप्रैल 2022 तक कुंभ में ही विचरण करेंगे। इस राशि परिवर्तन का विभिन्न राशियों पर असर होगा। 
मेष: 11 वें स्थान में बृहस्पति लाभ के योग बना रहा है। व्यवसाय अथवा नौकरी करने वाले व्यक्तियों को उनके परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा।
वृष: दशम भाव में बृहस्पति का आगमन कार्य सिद्धि योग बनाता है। समय-समय पर लाभ प्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ति होगी। धन लाभ के नए-नए स्रोत बनेंगे।
मिथुन:भाग्य भाव में बृहस्पति का आगमन बहुत अच्छा रहेगा। धन लाभ लगातार होता रहेगा, किंतु व्यय की भी अधिकता रहेगी। घर में मंगल कार्यों में व्यस्त होने के योग हैं।
कर्क:-अष्टम भाव में बृहस्पति का आगमन शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के फल देने वाला है। लाभ कम रहेगा। देनदारी अधिक होने से मानसिक परेशानी हो सकती है। क्रोध से बचें और लेन-देन में सावधानी बरतें।

सिंह: सप्तम भाव में बृहस्पति का आगमन शुभ रहेगा, किंतु अनावश्यक चिंता एवं मानसिक तनाव बना रहेगा। किसी मित्र के संपर्क में आकर नया कार्य करने का योग हैं। पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन भली प्रकार करेंगे।
कन्या: छठे भाव में बृहस्पति धन लाभ करेंगे। किंतु इस समय आपको अपने विरोधियों से भी सावधान रहना है। परिवार में मंगल कार्य होने की संभावना है। अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। छोटी-मोटी यात्रा का भी योग हैं।
तुला: तुला राशि वालों के लिए कुंभ के बृहस्पति सुख देने वाले हैं। आय के स्रोत निरंतर बने रहेंगे। कार्यकुशलता बढ़ेगी। संतान पक्ष से संतुष्टि रहेगी। राजनीतिक लोगों से संपर्क बढ़ेगा। प्रतिष्ठा एवं सम्मान के योग बन रहे हैं।
वृश्चिक: चतुर्थ भाव में कुंभ के बृहस्पति धन हानि करा सकता है। परिवार से वैचारिक मतभेद रहेगा। यद्यपि धन लाभ होता रहेगा किंतु अनावश्यक खर्च भी लगातार बने रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खर्चों पर कंट्रोल रखें।
धनु: तृतीय स्थान में बृहस्पति का संचरण खुशियां लेकर आ रहा है। मित्रों से और शुभचिंतकों से लाभ होता रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। कोई लंबित कार्य पूरा होने योग हैं।
किंतु क्रोध पर नियंत्रण रखें। इससे आपको स्वास्थ्य हानि हो सकती है।
मकर: मकर राशि वालों के लिए यह वर्ष शुभ-अशुभ दोनों परिणाम देने वाला है। परिवार में मंगल कार्य होंगे। व्यर्थ की चिंताएं बढ़ेंगी। मानसिक परेशानी से आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। परिवार के वरिष्ठ जनों का आशीर्वाद आपको मिलेगा।
कुंभ: कुंभ राशि वालों के लिए जन्म के बृहस्पति यद्यपि अशुभ रहते हैं। किंतु जितनी भागदौड़ एवं परिश्रम करेंगे उतना लाभ आपको होता रहेगा। अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना है क्योंकि प्रथम भाव में बृहस्पति शारीरिक विकार दे सकते हैं।
मीन: मीन राशि वालों के लिए 12 वें स्थान के बृहस्पति शुभ नहीं होते हैं। अनावश्यक खर्च के साथ साथ मिथ्या आरोप का भी योग बन सकता है। इसीलिए वाद-विवाद से बचें। 
(ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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