मनसुख हिरेन केस: होम मिनिस्ट्री के आदेश पर भी महाराष्ट्र एटीएस ने नहीं सौंपे एनआईए को दस्तावेज

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मुंबई में मनसुख हिरेन मौत मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के तीन दिन बाद भी महाराष्ट्र एटीएस ने संबंधित दस्तावेज राष्ट्रीय जांच एजेंसी को नहीं सौंपा है। मंगलवार को एनआईए ने विशेष अदालत को यह जानकारी दी। मनसुख हिरेन 5 मार्च को मृत पाया गया था। मनसुख हिरेन वहीं शख्स था जिन्होंने मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोटक से भरी संदिग्ध स्कॉर्पियों का मालिक होने का दावा किया था। मनसुख हिरेन की मौत की जांच महाराष्ट्र एटीएस द्वारा की जा रही थी, लेकिन शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच एएनआई को सौंप दी। 

दूसरी ओर एंटीलिया और हिरेन जांच के प्रभारी रहे क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाझे को एनआईए स्पेशल कोर्ट ने 25 मार्च तक के लिए एनआईए हिरासत में भेज दिया है। सचिन वाझे पर आरोप है कि एंटीलिया के बाहर संदिग्ध स्कॉर्पियो कार रखने के मामले में उनकी भी भूमिका होने के आरोप लगे हैं। 

एटीएस ने एक और कार बरामद की
मंगलवार को महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख जयजीत सिंह ने जानकारी दी कि हिरेन की मौत मामले में उन्होंने दमन से एक वोल्वो कार जब्त की है। एटीएस ने कहा कि कार की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। इससे पहले शनिवार वको एटीएस ने उन दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें पहले इस मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। एटीएस ने अभी तक इस मामले में कम से कम 25 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों की पहचान मुंबई पुलिस के सिपाही विनायक शिंदे और एक सट्टेबाज नरेश धारे के रूप में की गई है।

एटीएस बोली हिरेन की हत्या में सचिन वाझे शामिल
मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई खुलासे किए। एटीएस ने बताया कि सचिन वाझे मनसुख हिरेन की हत्या में शामिल था। इस वजह से एनआईए से उसकी कस्टडी लेने के लिए कोर्ट का रुख करेंगे। महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख ने कहा कि हालांकि, सचिन वाझे ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। कई जगह की सीसीटीवी फुटेज को नष्ट किया गया है।

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर 25 फरवरी को एक संदिग्ध स्कॉर्पियों कार मिली थी इस वाहन से जिलेटिन की 20 छड़ें बरामद हुई थी। यह वाहन ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन का था, जो कथित तौर पर चोरी हो गया था। इसके बाद, पांच मार्च को मनसुख का शव मुंब्रा के पास मिला था।

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