रूपेश हत्याकांड: 72 दिन बाद पुलिस ने दूसरे अपराधी को दबोचा, पटना में ही खेल रहा था लुकाछिपी का खेल, इसने भी की थी फायरिंग

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राजधानी पटना के बहुचर्चित रूपेश हत्याकांड मामले में पुलिस ने दूसरे अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है. पटना एयरपोर्ट पर तैनात इंडिगो एरलाइन्स के मैनेजर रूपेश सिंह की हत्याकांड के 72 दिनों बाद इस अपराधी को पुलिस पकड़ने में सफल रही है. फिलहाल पुलिस से न्यायायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी कर रही है. इसके पास से भी हथियार बरामद किये गए हैं. एसएसपी के मुताबिक इसने भी रूपेश के ऊपर फायरिंग की थी.

पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी रितुराज की गिरफ़्तारी के लगभग 50 दिन बाद पुलिस ने दूसरे अपराधी को धर दबोचा है. इस अपराधी ने कुम्हरार के पास आईओसीएल कॉलोनी में किराये पर एक रूम लिया है. हर महीने ये 3000 रुपये किराया देता है. जिस तरीके से रितुराज एक पैररल लाइफ जीता है, उसी तरह ये भी एक समानांतर जीवन व्यतीत करता है, जो कि इनके परिजनों को नहीं मालूम है.

एसएसपी ने बताया कि पकड़ा गया दूसरा अपराधी सौरभ कुमार उर्फ़ पवन उर्फ़ खरहा है, जो मूल रूप से राजधानी पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के महादेव मार्केट के पास योगीपुर चौक का रहने वाला है. इसके पिता प्रशांत कुमार की मौत हो गई है. इसके एक भाई और एक बहन है. बीते दिन इसके घर पर भी छापेमारी की गई थी. जहां ये कुम्हरार में डेरा लेकर रहता था, वहां से पल्सर बाइक जब्त की गई है, जो की चोरी की ही है. इसके पास से एक हथियार और 5 गोलियां बरामद की गई हैं. तीन खाली खोखे और 3 सिमकार्ड भी बरामद किये गए हैं. 

एसएसपी उपेंद्र शर्मा के मुताबिक इस अपराधी के ऊपर पहले से आपराधिक घटनाएं दर्ज हैं. राजधानी पटना के ही नौबतपुर और बिहटा में आर्म्स एक्ट के दो मामले 2018 में दर्ज हैं. यह अपराधी एक बार पहले भी जेल जा चुका है. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद ये कंकड़बाग के ही इलाके में रहता था. लेकिन रितुराज की गिरफ़्तारी के बाद ये घर से फरार हो गया. इस बीच ये अपराधी कंकड़बाग में अपनी बहन के यहां, बड़हिया में अपने घर, लखीसराय और अन्य जगहों पर रहा. चूँकि इसके पास पैसे की कमी है. इसलिए ये बिहार से बाहर नहीं भाग पाया. गया में भी इसे पकड़ने की कोशिश की गई थी. ये वहां अपने चाचा के पास गया था. ये एक बार दिल्ली भी भागकर गया था. 

एसएसपी ने कहा कि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी रितुराज के पास से जो पिस्टल बरामद हुआ था और आईजीआईएमएस में पोस्टमार्टम के दौरान रूपेश सिंह की बॉडी से जो गोलियां निकाली गई थीं. साथ ही जो खोखे घटनास्थल से बरामद किये गए थे. सबको 22 फ़रवरी को कोर्ट के आदेश के बाद एफएसएल जांच के लिए भेजा है.

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