कैसे थमेगा कोरोना की दूसरी लहर का कहर? केंद्र सरकार ने बनाया ये 5 स्टेप्स प्लान

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महाराष्ट्र, बंगाल, दिल्ली समेत 12 राज्यों में बढ़ते कोरोना मामलों को कम करने के लिए केंद्र सरकार शनिवार को पांच प्वाइंट प्लान लेकर आई है। इनको लागू करके सरकार देश में बढ़ते कोरोना वायरस के नए मामलों को रोकने की कोशिश करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोरोना वायरस की महामारी से प्रभावित 12 राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और 46 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के नगर आयुक्तों और जिला कलेक्टरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, पंजाब और बिहार के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल भी मौजूद थे।

सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि पिछले साल मई के बाद देश में इस साल मार्च में भारत में साप्ताहिक संक्रमण और मृत्यु दर में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई। इस महीने 46 जिलों से 71 फीसदी कोरोना केस और 69 फीसदी मौतें का आंकड़ा सामने आया है। बयान में आगे कहा गया है कि महाराष्ट्र में कुल 36 जिलों में से 25 सबसे अधिक प्रभावित हैं। यहां से पिछले एक हफ्ते में देश में सामने आए कुल मामलों से 59.8 फीसदी मामले सामने आए हैं। सरकार ने जिन पांच प्वांइट्स को लागू करने का निर्देश दिया है, वे इस प्रकार हैं…

1- सरकार ने रणनीति बनाई है कि लोगों की कोरोना टेस्टिंग को और बढ़ाया जाएगा, जिसमें से आरटीपीसीआर जांच प्रमुख होगी। कुल जांचों की 70 फीसदी जांच आरटी-पीसीआर तरीके से की जाएगी। बयान के अनुसार, ”रैपिड एंटीजेन टेस्ट (आरएटी) को घनी आबादी वाले क्षेत्रों से क्लस्टर मामलों को बाहर निकालने में एक स्क्रीनिंग टूल के रूप में इस्तेमाल किया जाना है।”

2- संक्रमित लोगों की आइसोलेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है। 72 घंटे में औसतन 30 करीबी लोगों को ट्रेस, टेस्ट और आइसोलेट किया जाएगा।

3- बयान में आगे बताया गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाए और हेल्थ केयर वर्कर्स को फिर से सक्रिय होना चाहिए। मृत्यु दर को कम करने और मृत्यु की संख्या को कम करने के लिए टारगेटेड दृष्टिकोण लागू किया जाना चाहिए।

4- हर समय कोरोना के प्रोटोकॉल्स को सुनिश्चित करने के लिए ध्यान दिया जाना चाहिए। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बाजार, अंतर-राज्यीय बस स्टैंड, स्कूल-कॉलेज, रेलवे स्टेशन आदि में। यह सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ जन जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए, जिसमें नेताओं, धार्मिक प्रमुखों और अन्य को संगठित किया जाना चाहिए। बयान में यह भी बताया गया है कि जो प्रोटोकॉल्स को मानने में विफल रहे, उस के खिलाफ भारी जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए।

5- जिन जिलों में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं, उनमें बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीनेशन लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही वैक्सीन की भी कोई शॉर्टेज नहीं होनी चाहिए।

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