पटना : छापेमारी में नकली साॅस बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, शहर के रेस्टोरेंट में होती थी सप्लाई

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अगर आप भी फास्ट फूड के शौकीन हैं तो खाने से पहले चेक कर लीजिए कि उसके साथ दी जाने वाली सॉस और चटनी नकली तो नहीं है। पटना के रेस्टोरेंट और फास्ट फूड कॉर्नर पर ऐसी ही सॉस व चटनी की सप्लाई हो रही है। पटना में इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा खाद्य सुरक्षा टीम की छापेमारी में हुआ है। होली के बाजार में सोया, चिली और टोमैटो सॉस की नकली खेप को खपाने की तैयारी थी। इसके लिए फैक्ट्री में रातों-रात माल तैयार किया जा रहा था। इसकी भनक खाद्य सुरक्षा विभाग को लगी तो टीम बनाकर छापेमारी की गई।

पटना के महाराजगंज के राजपूताना एरिया में स्थित विजय फूड प्रोडक्ट में टीम पहुंची तो सॉस और चटनी की बड़ी खेप अवैध रूप से तैयार की जा रही थी। टीम ने टोमैटो सॉस, सोया सॉस और चिली सॉस की खेप को बरामद किया और जांच के लिए नमूना भेज दिया है। मिलावट की पुष्टि होने पर फैक्ट्री पर जुर्माना और सजा हो सकता है।

बंद करा दी गई फैक्ट्री

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री काे बंद करा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि फैक्ट्री को बंद करा दिया गया है। निर्माण स्थल पर बड़ी खामियां मिली हैं जो लोगों को बीमार बनाने वाली हैं। हाइजीन का ख्याल जरा भी नहीं रखा जा रहा था। जो भी उत्पाद तैयार किया जा रहा था उस पर कोई बैच नंबर नहीं था। ऐसा किया जाना FSSAI की धारा के तहत अपराध है। नियमों की अवहेलना करना सेहत के साथ खिलवाड़ करना है। ऐसे उत्पादों से बड़ा नुकसान हो सकता है। इस कारण से फैक्ट्री को अगले आदेश तक बंद करा दिया गया है।

यहां है ऐसे नकली चटनी और सॉस की सप्लाई

पटना के हर गली-मोहल्ले में ठेले और छोटे दुकानों पर ऐसी ही सॉस और चटनी की सप्लाई होती है। ठेले पर सस्ते में पिज्जा बर्गर समोसा और चाट पकौड़ों के साथ ऐसे ही सॉस और चटनी परोसी जाती है। किसी भी दुकान पर ब्रांडेड कंपनी की चटनी और सॉस नहीं दिखती है। यह दुकानदार लीटर और किलो के भाव से खरीदते हैं और फिर इसे प्लास्टिक की बोतल में रखकर ग्राहकों के सामने देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी नकली चटनी सॉस और केचप से लीवर और आंतों में इंफेक्शन का खतरा होता है। इसलिए ऐसे प्रोडक्ट को लेकर सावधान रहने की जरूरत है।

हल्दी और दालचीनी में भी मिलावट

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मारुफगंज मंडी से मिलावट का एक और खेल उजागर किया है। यहां हल्दी और मसालों में भी रंग की मिलावट की जा रही है। आधा दर्जन दुकानों से टीम ने नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। खड़ी हल्दी और दालचीनी के साथ अन्य कई मसालों का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टर बता रहे सॉस और केचअप कितना नुकसानदेह

  • फिजिशियन डॉक्टर राणा SP सिंह का कहना है कि केचप में डिस्टिल्ड विनिगर और फ्रक्टोज शुगर की अत्यधिक मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें रेग्युलर कॉर्न सीरप और ऑनियन पाउडर भी होता है। यह नुकसान करता है। इसके इंफेक्शन से फूड पॉइजनिंग भी हो सकता है। उल्टी-दस्त के साथ बुखार भी हो सकता है।
  • डॉक्टरों का कहना है कि ब्रांडेड केचप GMO कॉर्न से बना होता है, लेकिन नकली में केमिकल्स और पेस्टिसाइड्स का अधिक इस्तेमाल होता है। इसलिए सॉस आपकी सेहत के लिए सही नहीं है। इससे लीवर और आंत के साथ गुर्दे पर असर पड़ता है।
  • टमेटो केचप में न तो प्रोटीन होता है और न ही फाइबर या मिनरल्स। इसमें शुगर और सोडियम की अत्यधिक मात्रा होती है। नकली में केमिकल अधिक होता है, जो सेहत के लिए घातक है।
  • केमिकल और प्रिजर्वेशन के साथ हाइजीन नहीं होने से किडनी पर भी प्रभाव पड़ता है और डायबीटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी यह काफी खतरनाक है।
  • नकली केचप में अधिक मुनाफा के कारण इसमें पका हुआ लाइकोपीन भी मिलाया जाता है, जिसे शरीर आसानी से ऑब्जर्व नहीं कर पाता और कई परेशानियां पैदा हो जाती हैं। मिलावटी केचप का केमिकल हानिकारक है, स्वाद केमिकल का होता है, लेकिन यह बहुत नुकसान करता है। इससे आहार नली में भी इंफेक्शन होने का खतरा होता है।

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