सुपौल: होली के दिन दारु फ्री? इस पुलिसवाले ने अपने लिए 13 बोतल का किया इंतजाम

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बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है. शराब के बेचने और पीने दोनों पर रोक है और इसकी जिम्मेदारी खाकी वर्दीवालों को दी गई है. 29 मार्च को होली है और होली की पूरी तैयारियां की जा रही हैं. लेकिन बिहार के सुपौल से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे जानकार आप हैरान रह जायेंगे. दरअसल होली को मजेदार बनाने के लिए एक पुलिसवाले ने अपने लिए 13 बोतल का इंतजाम कर लिया.

मामला सुपौल जिले के बीरपुर का है, जहां बीरपुर जेल में एक सिपाही को नशे की हालत में पकड़ा गया है. ये सिपाही वहां कक्षपाल की ड्यूटी करता है. जब पुलिस ने इसके कमरे की तलाशी ली तो इसके रूम से एक दर्जन से अधिक शराब की बोतलें पकड़ी गई. जिसे देखकर वहां मौजूद अन्य पुलिसवालों की नींद उड़ गई. ऐसे में कई सवाल उठते हैं कि आखिरकार जेल में ड्यूटी करने वाले इस कक्षपाल के पास इतनी मात्रा में शराब कहां से आई और क्यों किसी को कानों कान खबर तक नहीं मिली.

नीतीश सरकार ने जिन पुलिसवालों के कंधों पर शराबबंदी कानून को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी दी है, वही पुलिसवाले सरकार और अपने डिपार्टमेंट की नाक कटाने पर तुले हुए हैं. विपक्षी सवाल उठा रहे हैं कि बिहार में शराबबंदी होने के बावजूद भी क्या बिहार में पुलिसवालों के लिए दारू को होली के दिन फ्री कर दिया गया है. क्या ऐसे पुलिसवालों के खिलाफ कठोर एक्शन नहीं लेना चाहिए. 

गौरतलब हो कि बिहार के मुखिया नीतीश कुमार का कहना है कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, तब तक लोग भूल जाये कि बिहार में फिर से शराब की बिक्री शुरू होगी. सीएम कई मौकों पर इस बात को दुहरा चुके हैं. लेकिन ये बात उनके सिपाही, दरोगा और जमादार के कानों तक शायद नहीं पहुंच रही हैं. विधिव्यवस्था की समीक्षा बैठक के क्रम में भी सीएम लगातार डीजीपी और अन्य सीनियर अफसरों के सामने दुहराते हैं कि वे हर हाल में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करें.

गौरतलब हो कि पिछले ही महीने 15 फ़रवरी को मधनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की बैठक में सीएम ने साफ़ निर्देश दिया है कि अगर कोई भी पुलिसवाला शराब पीते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल बर्खास्त कर दें.  इस बैठक में मधनिषेध और उत्पाद विभाग के कमिश्नर बी कार्तिकेय धनजी, मंत्री सुनील कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, गृह सचिव आमिर सुबहानी और आईजी अमृत राज भी मौजूद थे. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी से पहले शराब का धंधा करने वाले अब क्या कर रहे हैं, विभाग इसकी जानकारी जुटाए. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जीविकोपार्जन योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचे, इसकी भी समीक्षा की जाये. 

मुख्यमंत्री ने आगे अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिया कि बिहार के पुलिसकर्मियों ने शराब नहीं पीने की शपथ ली है. अगर कोई भी पुलिसवाला शराब का सेवन करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे तत्काल उसी समय डिसमिस कर दिया जाये. अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल बर्खास्त कर दिया जाये. सीएम ने कहा कि सभी चौकीदारों को भी एक-एक चीज की जानकारी होती है. गड़बड़ी पाए जाने पर ऐसे चौकीदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाये. 

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