पटना: पार्टी के लिए RCP सिंह का मोरल बूस्टर प्लान, प्रखण्ड अध्यक्ष भी अपने को नीतीश कुमार ही समझें

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जेडीयू के सभी नेता अब नीतीश कुमार हैं . विधानसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बाद जनता दल यूनाइटेड लगातार अपने संगठन को मजबूत और जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने में जुटा हुआ है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह इस की कमान संभाल रहे हैं और इसी कड़ी में आरसीपी सिंह ने अब अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए मोरल बूस्टर प्लान एक्टिवेट कर दिया है. आरसीपी सिंह ने कहा है कि पार्टी के सभी प्रखंड अध्यक्ष खुद को नीतीश कुमार समझे. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि वह अपने इलाके के नीतीश हैं.

जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा है कि प्रखंड अध्यक्षों को या मांग कर काम करना होगा कि वह नीतीश कुमार है और तभी वह संगठन से लेकर सरकार तक के कार्य योजनाओं में अपनी भूमिका अच्छे तरीके से निभा पाएंगे. पार्टी के प्रखंड अध्यक्षों को 2 दिनों के प्रशिक्षण शिविर के दौरान यह मोरल बूस्टर मैसेज दिया है. जेडीयू अध्यक्ष ने कहा है कि जनता दल यूनाइटेड का एजेंडा और सिद्धांत दोनों नीतीश कुमार है.

नीतीश कुमार के चेहरे के पीछे पार्टी चलती है और नीतीश कुमार की नीतियों के ऊपर काम करना पार्टी के हर नेता और कार्यकर्ता का लक्ष्य है. अगर हम वाकई नीतीश कुमार के नेतृत्व को ताकत देना चाहते हैं तो हमें खुद को नीतीश से मानकर ही काम करना होगा. 

जदयू के प्रखंड अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा है कि कमजोर कड़ी को मजबूत किए बगैर हम पहले जैसे प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकते. यह सही है कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया और इसके लिए हम दूसरों को जिम्मेदार ठहराने की बजाय खुद को मजबूत करने में जुट जाएं. आरसीपी सिंह ने प्रदेश नेतृत्व को यह जिम्मेदारी दी है कि वह कुल सीटों पर लोगों से सीधा संवाद करें, जहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा.

प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि आगे सीधा संवाद का कार्यक्रम तय किया जाएगा. जेडीयू अध्यक्ष ने प्रखंड अध्यक्षों को यह भी कहा कि अगर बिहार में उन्हें विकास दिख रहा है तो यह विकास से जनता को भी दिखना चाहिए. कैसे बिहार सरकार की योजनाओं के बारे में जन जन तक जानकारी पहुंचाई जाए, यह सुनिश्चित करना होगा. आरसीपी सिंह ने विधानसभा चुनाव के बाद अपने पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं का गिरा हुआ मनोबल को ऊपर उठाने के लिए या मोरल बूस्टर प्लान एक्टिवेट किया है. अब देखना होगा पार्टी पर इसका कितना और कैसा असर होता है.

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