कोरोना से निपटने में कम पड़ सकते हैं संसाधन, जिला स्तर पर बनाएं लॉकडाउन की रणनीति: केंद्र

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के चलते केंद्र सरकार ने राज्यों को हिदायत दी है कि वे माइक्रो कंटेनमेंट जोन्स तक ही सीमित न रहें बल्कि जिला स्तर पर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां भी लगा सकते हैं। कई जिलों में कोरोना संक्रमण में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की ओर से सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर यह बात कही गई है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि कोरोना की नई लहर जिस तरह तेजी से बढ़ रही है, उससे हमारे स्वास्थ्य ढांचे के ही चरमराने का खतरा पैदा हो गया है। इस मौके पर किसी भी तरह की ढिलाई की हमें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

इसके अलावा पत्र में माइक्रो कंटेनमेंट जोन्स की रणनीति से आगे बढ़ते हुए बड़े कंटेनमेंट जोन्स पर काम करने की बात भी कही गई है। पत्र में कहा गया है, ‘जहां केसों का क्लस्टर है, वहां लोगों या परिवारों को सिर्फ क्वारेंटाइन में भेजना ही विकल्प नहीं है। ऐसे मामलों में बड़े कंटेनमेंट जोन्स तैयार करने की जरूरत है, जिनका सीमा स्पष्ट हो और सख्ती से पाबंदियों को लागू किया जाए। कंटेनमेंट जोन्स में कंट्रोल के लिए सख्त पैमाने होने चाहिए। यह पाबंदियां कम से कम से 14 दिनों के लिए लागू की जानी चाहिए ताकि ट्रांसमिशन की चेन को तोड़ा जा सके।’ बीते साल लगे लॉकडाउन के बाद यह पहला मौका है, जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़े कंटेनमेंट जोन्स तैयार करने और जिला स्तर पर लॉकडाउन लगाने की बात कही है।

बता दें कि देश में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते एक बार फिर से लहर में तेजी आने की आशंका पैदा हो गई है। स्वास्थ्य सचिव ने अपने लेटर में कहा है, ‘इवेंट्स और भीड़भाड़ के चलते कई जिले कोरोना के क्लस्टर के तौर पर उभरे हैं। अगस्त से नवंबर के दौरान जिन जिलों में काफी केस मिले थे, वहां एक बार फिर से नई लहर सिर उठाने लगी है। इसके अलावा ऐसे भी कुछ जिले हैं, जहां पहले कम आंकड़ा था, वहां अब केस बढ़ने लगे हैं।’ स्वास्थ्य सचिव ने इसके लिए ढिलाई को जिम्मेदार करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि कोरोना प्रोटोकॉल पालन पहले की तरह नहीं हो हो रहा है। उन्होंने राज्यों की सलाह दी है कि कोरोना संक्रमित मरीज के कम से कम 30 ऐसे लोगों की जांच की जानी चाहिए, जो उसके संपर्क में आए हों।

जहां ज्यादा केस हैं, वहां दो सप्ताह में लगाएं 45 पार वाले सभी लोगों को टीका
यही नहीं केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को सलाह दी गई है कि जिन जिलों में ज्यादा केस मिल रहे हैं, वहां 45 साल से अधिक आयु वाले सभी लोगों को 2 सप्ताह के भीतर कोरोना का टीका लगा दिया जाए। 1 अप्रैल से देश भर में 45 से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो रही है। इसके लिए cowin.gov.in पर रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा, आइसोलेशन के नियम तोड़े जा रहे
केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि क्वारेंटाइन के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि लोगों से होम आइसोलेशन के लिए कहा जा रहा है, लेकिन उसकी सही से समीक्षा नहीं हो रही है। इस लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ चिंता की वजह बने हुए हैं। इन्हीं राज्यों में कुल एक्टिव केसों के 62 फीसदी मामले हैं।

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